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17 Oct 2026•
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हजारीबाग: दुर्गा पूजा के दौरान शांति-सुरक्षा के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी ने जारी किए दिशा-निर्देश
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हजारीबाग: दुर्गा पूजा के दौरान शांति-सुरक्षा के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी ने जारी किए दिशा-निर्देश

✍️ Reporter: Rohit Kumar Yadav 🗓 17 Oct 2026, 09:56 PM 👁 10
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आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनुमंडल दंडाधिकारी सदर हजारीबाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनुमंडल दंडाधिकारी सदर हजारीबाग के द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न पूजा समितियों द्वारा पूजा पंडालों का निर्माण, मेला, डांडिया, आर्केस्ट्रा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की सम्भावना है। जारी निर्देशों के अनुसार, सभी दुर्गा पूजा समितियों के अध्यक्षों, डांडिया, आर्केस्ट्रा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजकों तथा व्यवस्थापकों को सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

प्रमुख दिशा-निर्देशों के तहत, पूजा पंडालों के निर्माण में नायलॉन, सिंथेटिक एवं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग नहीं किया जाएगा। सभी मार्गों एवं पूजा पंडालों के आसपास साफ-सफाई तथा समुचित प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक पूजा पंडाल, डांडिया, आर्केस्ट्रा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रवेश तथा निकास द्वार की व्यवस्था की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने एवं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आयोजकों द्वारा पहचान-पत्र तथा ड्रेस कोड के साथ स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। सभी छोटे-बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे एवं एलईडी स्क्रीन लगाकर निरंतर निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। विद्युत व्यवस्था के लिए इन्वर्टर/जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रत्येक पूजा पंडाल में फर्स्ट एड किट उपलब्ध रखने के साथ निकटवर्ती अस्पताल से समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अग्नि सुरक्षा के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण एवं अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था तथा उसके आवागमन के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा। अग्नि सुरक्षा पदाधिकारी हजारीबाग से समन्वय स्थापित कर उनके निर्देशों का अनुपालन करना होगा। पूजा पंडालों, मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों से पर्याप्त दूरी पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित थाना प्रभारी से समन्वय स्थापित कर यातायात एवं शांति व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर अधिनियम, 1955 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप रखा जाएगा तथा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। मेला परिसर में अस्त्र-शस्त्र, घातक हथियार, आग्नेयास्त्र एवं लाठी आदि लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। सभी पूजा समितियों एवं आयोजकों को इस पर सतत निगरानी रखनी होगी। आयोजित कार्यक्रमों के दौरान किसी भी धर्म या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले वक्तव्य, गीत या अश्लील गानों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

मेला, डांडिया, आर्केस्ट्रा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान विधि-व्यवस्था से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसकी संपूर्ण जवाबदेही संबंधित आयोजक एवं संचालक की होगी। अनुमंडल दंडाधिकारी सदर हजारीबाग ने सभी पूजा समितियों एवं कार्यक्रम आयोजकों से अपील की है कि जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग करें।
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