राजनीति
हजारीबाग: चंद्रगुप्त कोल परियोजना में विधायक रोशनलाल चौधरी के समर्थन से आंदोलन को मिली बल, खनन कार्य ठप
केरेडारी स्थित सीसीएल की चंद्रगुप्त कोल परियोजना में स्थानीय युवाओं के अनिश्चितकालीन धरने के कारण खनन कार्य ठप हो गया। बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी ने कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन को समर्थन दिया।
हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में स्थित सीसीएल (CCL) की चंद्रगुप्त कोल परियोजना में स्थानीय बेरोजगार युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। एमडीओ कंपनी 'सुशी इंफ्रा' द्वारा स्थानीय रैयतों को रोजगार देने में की गई अनदेखी के खिलाफ सैकड़ों युवाओं ने 1 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था, जिसके चलते 2 नवंबर को परियोजना का खनन कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। पचड़ा, बुकरू और नायखाप गांव के युवाओं का आरोप है कि कंपनी ने लिखित वादों के बावजूद लगभग 85 प्रतिशत बाहरी लोगों को काम पर रखा है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
आंदोलन को बड़ी ताकत तब मिली, जब बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी धरना स्थल पर पहुंचकर युवाओं के समर्थन में उतरे। उन्होंने सीसीएल प्रबंधन और सुशी इंफ्रा के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस क्षेत्र से देश के लिए रिकॉर्ड कोयला उत्पादन हो रहा है, लेकिन मूल निवासियों को अपने हक की रोटी के लिए धरना देना पड़ रहा है। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का रोडमैप तैयार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन नहीं रुकेगा।
प्रशासन की रात की कार्रवाई ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। युवाओं के अनुसार, शाम ढलते ही पगार ओपी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से बैठे युवाओं को डरा-धमकाकर जबरन हटाने लगे। पुलिस द्वारा सैकड़ों युवाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे जनता का गुस्सा और भड़क गया।
वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई के बाद विधायक रोशनलाल चौधरी ने प्रशासन को चेतावनी दी है। क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन एकजुट माहौल बना हुआ है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक के कड़े समर्थन के बाद प्रबंधन क्या नया पैंतरा अपनाता है या युवाओं को उनका जायज हक मिल पाता है।
आंदोलन को बड़ी ताकत तब मिली, जब बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी धरना स्थल पर पहुंचकर युवाओं के समर्थन में उतरे। उन्होंने सीसीएल प्रबंधन और सुशी इंफ्रा के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस क्षेत्र से देश के लिए रिकॉर्ड कोयला उत्पादन हो रहा है, लेकिन मूल निवासियों को अपने हक की रोटी के लिए धरना देना पड़ रहा है। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का रोडमैप तैयार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन नहीं रुकेगा।
प्रशासन की रात की कार्रवाई ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। युवाओं के अनुसार, शाम ढलते ही पगार ओपी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से बैठे युवाओं को डरा-धमकाकर जबरन हटाने लगे। पुलिस द्वारा सैकड़ों युवाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे जनता का गुस्सा और भड़क गया।
वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई के बाद विधायक रोशनलाल चौधरी ने प्रशासन को चेतावनी दी है। क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन एकजुट माहौल बना हुआ है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक के कड़े समर्थन के बाद प्रबंधन क्या नया पैंतरा अपनाता है या युवाओं को उनका जायज हक मिल पाता है।