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हजारीबाग-बगोदर मार्ग पर गिरा पेड़ हफ्तों से पड़ा, वन विभाग की लापरवाही पर सवाल
तिलैया गांव के पास हजारीबाग से बगोदर मार्ग पर एक सप्ताह पूर्व गिरा पेड़ अभी तक नहीं हटाया गया है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई है।
हजारीबाग से बगोदर मार्ग पर तिलैया गांव के निकट एक सप्ताह पूर्व सड़क पर गिरा हुआ पेड़ यातायात के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। वन विभाग की ओर से इस पेड़ को अब तक नहीं हटाए जाने के कारण स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है। यह पेड़ सड़क पर पड़े होने से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर सकता है।
जनता के करदाताओं के पैसे पर नियुक्त वन विभाग के उच्च अधिकारियों पर निकम्मेपन का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग न तो जंगली हाथियों की समस्या का समाधान कर पा रहा है और न ही सड़कों के किनारे लगे सूखे पेड़ों को हटाने की दिशा में कोई कार्रवाई कर रहा है। इस घटना ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विभाग के कर्मचारी छोटी-मोटी गलतियों के लिए आम जनता के पीछे पड़ जाते हैं, लेकिन सड़क पर पड़े इस खतरनाक पेड़ को हटाने में उदासीनता बरत रहे हैं। यह स्थिति तब है जब यह पेड़ हफ्तों से सड़क पर पड़ा है और दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन होगा, यह सवाल बना हुआ है।
जनता के करदाताओं के पैसे पर नियुक्त वन विभाग के उच्च अधिकारियों पर निकम्मेपन का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग न तो जंगली हाथियों की समस्या का समाधान कर पा रहा है और न ही सड़कों के किनारे लगे सूखे पेड़ों को हटाने की दिशा में कोई कार्रवाई कर रहा है। इस घटना ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विभाग के कर्मचारी छोटी-मोटी गलतियों के लिए आम जनता के पीछे पड़ जाते हैं, लेकिन सड़क पर पड़े इस खतरनाक पेड़ को हटाने में उदासीनता बरत रहे हैं। यह स्थिति तब है जब यह पेड़ हफ्तों से सड़क पर पड़ा है और दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन होगा, यह सवाल बना हुआ है।