📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gianluca Miscione
अपराध
गुजरात ने 213 मेडिकल स्टोर्स की जांच, 25 एनडीपीएस उल्लंघन नोटिस जारी
✍️ The Hawk
🗓 29 अक्टू. 2026, 08:16 AM
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राज्य अधिकारियों ने गुजरात में 213 मेडिकल स्टोर्स की जांच की और 25 को एनडीपीएस अधिनियम के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया।
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर में 213 मेडिकल स्टोर्स की व्यवस्थित जांच की, जो नशे की दवाओं के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए नशा नियंत्रण (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत की गई थी। यह कार्रवाई कई हफ्तों में की गई, जिसका उद्देश्य लाइसेंस नियमों की पूर्ति और प्रतिबंधित पदार्थों की अनधिकृत बिक्री की पहचान करना था।
जांच में 25 स्टोर्स में उल्लंघन पाए गए, जहाँ नियंत्रित दवाओं की बिक्री या भंडारण की सूचना मिली। अधिकारियों ने इन दुकानों को औपचारिक नोटिस जारी किए, जिसमें अवैध बिक्री रोकने, जब्त नशे को सौंपने और एनडीपीएस कानून के तहत निर्धारित दंड का पालन करने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस चेतावनी का कदम है और यदि उल्लंघन जारी रहा तो आगे कानूनी कार्रवाई, जुर्माना या लाइसेंस रद्दीकरण हो सकता है। इस दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, पर विभाग ने कहा कि भविष्य में भी इस क्षेत्र की निगरानी जारी रहेगी ताकि नशे की लत को रोका जा सके।
यह कदम राज्य सरकार की नशा नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने की व्यापक नीति को दर्शाता है। अधिकारियों ने जनता से अनुरोध किया कि वे मेडिकल संस्थानों में नशे की दवाओं की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आने वाले महीनों में अतिरिक्त अचानक जांचें की जाएँगी, ताकि गुजरात के सभी मेडिकल आउटलेट्स में सतत अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
जांच में 25 स्टोर्स में उल्लंघन पाए गए, जहाँ नियंत्रित दवाओं की बिक्री या भंडारण की सूचना मिली। अधिकारियों ने इन दुकानों को औपचारिक नोटिस जारी किए, जिसमें अवैध बिक्री रोकने, जब्त नशे को सौंपने और एनडीपीएस कानून के तहत निर्धारित दंड का पालन करने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस चेतावनी का कदम है और यदि उल्लंघन जारी रहा तो आगे कानूनी कार्रवाई, जुर्माना या लाइसेंस रद्दीकरण हो सकता है। इस दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, पर विभाग ने कहा कि भविष्य में भी इस क्षेत्र की निगरानी जारी रहेगी ताकि नशे की लत को रोका जा सके।
यह कदम राज्य सरकार की नशा नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने की व्यापक नीति को दर्शाता है। अधिकारियों ने जनता से अनुरोध किया कि वे मेडिकल संस्थानों में नशे की दवाओं की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आने वाले महीनों में अतिरिक्त अचानक जांचें की जाएँगी, ताकि गुजरात के सभी मेडिकल आउटलेट्स में सतत अनुपालन सुनिश्चित हो सके।