📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
स्वास्थ्य
गुजरात हाई कोर्ट ने हत्या मामले में प्रमाण पत्र देने वाले कार्डियोलॉजिस्ट के खिलाफ मेडिकल काउंसिल कार्रवाई को रोका
✍️ Medical Dialogues
🗓 29 अग. 2026, 07:36 PM
👁 26
गुजरात हाई कोर्ट ने हत्या के आरोपी को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने वाले कार्डियोलॉजिस्ट के खिलाफ मेडिकल काउंसिल की कार्रवाई को रोक दिया।
गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य मेडिकल काउंसिल द्वारा एक कार्डियोलॉजिस्ट के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकने का आदेश दिया है। यह डॉक्टर पहले हत्या के आरोपी को मेडिकल सर्टिफिकेट प्रदान कर चुके थे, जिससे काउंसिल ने कार्रवाई का प्रस्ताव रखा था।
काउंसिल का कहना था कि डॉक्टर के प्रमाणपत्रों ने आरोपी को जमानत और कानूनी रणनीति बनाने में मदद की। कोर्ट ने कार्रवाई को रोककर डॉक्टर के विरुद्ध किसी भी निलंबन या दंड को अस्थायी रूप से रोका है, जब तक कि आगे की सुनवाई न हो।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रोक आदेश डॉक्टर को बरी नहीं करता, बल्कि अंतिम निर्णय से पहले उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करता है। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई होगी, जिसमें काउंसिल और डॉक्टर दोनों अपने-अपने तर्क पेश करेंगे।
यह फैसला यह दर्शाता है कि जब चिकित्सा राय आपराधिक जांच से जुड़ती है, तो पेशेवर जवाबदेही और न्यायिक निगरानी के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
काउंसिल का कहना था कि डॉक्टर के प्रमाणपत्रों ने आरोपी को जमानत और कानूनी रणनीति बनाने में मदद की। कोर्ट ने कार्रवाई को रोककर डॉक्टर के विरुद्ध किसी भी निलंबन या दंड को अस्थायी रूप से रोका है, जब तक कि आगे की सुनवाई न हो।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रोक आदेश डॉक्टर को बरी नहीं करता, बल्कि अंतिम निर्णय से पहले उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करता है। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई होगी, जिसमें काउंसिल और डॉक्टर दोनों अपने-अपने तर्क पेश करेंगे।
यह फैसला यह दर्शाता है कि जब चिकित्सा राय आपराधिक जांच से जुड़ती है, तो पेशेवर जवाबदेही और न्यायिक निगरानी के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।