📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
धर्म
गुजरात HC ने धार्मिक प्रतीकों के व्यावसायिक उपयोग को बिना दुर्भावना के दंडनीय नहीं माना
✍️ The Times of India
🗓 09 अक्टू. 2026, 06:32 AM
👁 22
गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि बिना दुर्भावना के धार्मिक प्रतीकों का व्यावसायिक उपयोग दंडनीय नहीं है, यह हालिया फैसले में कहा गया।
गुजरात हाई कोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया कि धार्मिक प्रतीकों का व्यावसायिक उपयोग बिना दुर्भावना के दंडनीय नहीं है। कोर्ट ने कहा कि दंडात्मक कार्रवाई के लिए इरादा आवश्यक है, केवल प्रतीकों के प्रयोग से नहीं।
यह निर्णय व्यापारिक संस्थाओं को यह संकेत देता है कि यदि वे धार्मिक छवियों को विज्ञापन, वस्त्र या ब्रांडिंग में उपयोग करते हैं और उनका उद्देश्य किसी धर्म को अपमानित करना नहीं है, तो उन्हें आपराधिक दंड का सामना नहीं करना पड़ेगा।
फैसले में किसी विशिष्ट मामले या पक्षों का उल्लेख नहीं किया गया, बल्कि केवल कानूनी सिद्धांत पर प्रकाश डाला गया। इस दिशा-निर्देश से भविष्य में धार्मिक प्रतीकों और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों में मार्गदर्शन मिलेगा।
रिटेल और मीडिया क्षेत्रों के हितधारकों को अब अपनी सामग्री रणनीतियों की समीक्षा करनी होगी, ताकि कोर्ट के इस मार्गदर्शन के अनुरूप रहें, जबकि धार्मिक संगठनों को भी सतर्क रहना होगा कि कोई भी प्रयोग जानबूझकर अपमानजनक न हो।
यह निर्णय व्यापारिक संस्थाओं को यह संकेत देता है कि यदि वे धार्मिक छवियों को विज्ञापन, वस्त्र या ब्रांडिंग में उपयोग करते हैं और उनका उद्देश्य किसी धर्म को अपमानित करना नहीं है, तो उन्हें आपराधिक दंड का सामना नहीं करना पड़ेगा।
फैसले में किसी विशिष्ट मामले या पक्षों का उल्लेख नहीं किया गया, बल्कि केवल कानूनी सिद्धांत पर प्रकाश डाला गया। इस दिशा-निर्देश से भविष्य में धार्मिक प्रतीकों और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों में मार्गदर्शन मिलेगा।
रिटेल और मीडिया क्षेत्रों के हितधारकों को अब अपनी सामग्री रणनीतियों की समीक्षा करनी होगी, ताकि कोर्ट के इस मार्गदर्शन के अनुरूप रहें, जबकि धार्मिक संगठनों को भी सतर्क रहना होगा कि कोई भी प्रयोग जानबूझकर अपमानजनक न हो।