📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unique Trooper
अपराध
गुजरात उच्च न्यायालय ने असाराम को बीमार पत्नी से मिलने की जमानत से इनकार किया, वीडियो कॉल की अनुमति दी
✍️ Live Law
🗓 30 सित. 2026, 03:02 PM
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गुजरात उच्च न्यायालय ने असाराम की बीमार पत्नी से मिलने के लिए अस्थायी जमानत से इनकार किया, पर वीडियो कॉल की अनुमति दी।
गुजरात उच्च न्यायालय ने असाराम बापू द्वारा दायर अस्थायी जमानत के याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी बीमार पत्नी से मिलने की माँग की थी। न्यायालय ने निर्णय दिया कि असाराम को जेल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बजाय, अदालत ने असाराम को अपनी पत्नी से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद करने की अनुमति दी।
असाराम, जो बलात्कार और हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य के लिए अस्थायी जमानत की मांग की थी। न्यायालय ने सुरक्षा और संभावित अशांति के जोखिम के कारण इस निर्णय को उचित ठहराया। वीडियो कॉल की सुविधा को परिवार के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए एक समझौता माना गया।
यह निर्णय असाराम के मामले पर चल रही जांच और कैदियों के परिवारिक संबंधों के अधिकारों पर व्यापक बहस के बीच आया है। असाराम की कानूनी टीम इस आदेश को अपील करने की योजना बना रही है, यह तर्क देते हुए कि यह निर्णय उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
असाराम, जो बलात्कार और हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य के लिए अस्थायी जमानत की मांग की थी। न्यायालय ने सुरक्षा और संभावित अशांति के जोखिम के कारण इस निर्णय को उचित ठहराया। वीडियो कॉल की सुविधा को परिवार के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए एक समझौता माना गया।
यह निर्णय असाराम के मामले पर चल रही जांच और कैदियों के परिवारिक संबंधों के अधिकारों पर व्यापक बहस के बीच आया है। असाराम की कानूनी टीम इस आदेश को अपील करने की योजना बना रही है, यह तर्क देते हुए कि यह निर्णय उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।