📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Snehrashmi
राजनीति
गुजरात चुनाव आयोग ने 68 लाख मतदाताओं के नाम हटाए, विरोध प्रदर्शन
✍️ GujaratSamachar English
🗓 04 अक्टू. 2026, 08:31 PM
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गुजरात राज्य चुनाव आयोग ने 68 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए, जिससे राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए और चुनाव आयोग ने स्थिति संभालने की कोशिश की।
गुजरात के राज्यव्यापी एकीकृत रजिस्टर (SIR) में हालिया अपडेट के तहत राज्य चुनाव आयोग ने 68 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं के नाम मतसूची से हटा दिए। यह कदम डुप्लिकेट और अयोग्य प्रविष्टियों को साफ करने के उद्देश्य से जारी आधिकारिक नोटिस के माध्यम से किया गया।
नाम हटाए जाने पर राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने तुरंत विरोध प्रदर्शन किया, यह दावा करते हुए कि कई वैध मतदाता आगामी चुनावों से बाहर हो सकते हैं। कई जिलों में आयोग की क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नाम पुनःस्थापना और पारदर्शी जांच की माँग की।
इसी बीच भारत चुनाव आयोग ने स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को गुजरात भेजा। अधिकारियों ने एक शिकायत निवारण इकाई स्थापित की, विवादित प्रविष्टियों की त्वरित जाँच का आश्वासन दिया और मतदाता को ऑनलाइन अपनी स्थिति जांचने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को सुलझाने में देरी से आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान पर असर पड़ सकता है और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
नाम हटाए जाने पर राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने तुरंत विरोध प्रदर्शन किया, यह दावा करते हुए कि कई वैध मतदाता आगामी चुनावों से बाहर हो सकते हैं। कई जिलों में आयोग की क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नाम पुनःस्थापना और पारदर्शी जांच की माँग की।
इसी बीच भारत चुनाव आयोग ने स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को गुजरात भेजा। अधिकारियों ने एक शिकायत निवारण इकाई स्थापित की, विवादित प्रविष्टियों की त्वरित जाँच का आश्वासन दिया और मतदाता को ऑनलाइन अपनी स्थिति जांचने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को सुलझाने में देरी से आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान पर असर पड़ सकता है और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।