📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
सरकारी योजना
गुजरात सीएम ने 28 जिलों में 101 श्रमिक अन्नपूर्णा योजना केंद्रों का उद्घाटन किया
✍️ CMO Gujarat
🗓 21 अक्टू. 2026, 12:36 AM
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के 28 जिलों में 101 श्रमिक अन्नपूर्णा योजना केंद्रों का शुभारम्भ किया, जिससे दैनिक मज़दूरों को सस्ती भोजन सुविधा मिलेगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आज 28 जिलों में 101 श्रमिक अन्नपूर्णा योजना केंद्रों का उद्घाटन किया। यह योजना दैनिक मज़दूरों और अन्य कमजोर वर्गों को सस्ती और पोषक दोपहर‑भोजन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
प्रत्येक केंद्र में सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत दिन में दो भोजन बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि पहले वर्ष में यह नेटवर्क एक मिलियन से अधिक कामगारों को कवर करेगा, जिससे खाद्य असुरक्षा में कमी आएगी।
यह पहल राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा जाल को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, विशेषकर आगामी वित्तीय वर्ष से पहले। स्थानीय नगरपालिका निकायों को गुणवत्ता और मूल्य नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना मौजूदा योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वास्थ्य योजना के साथ मिलकर राज्य के सबसे कमजोर वर्गों के लिए एक व्यापक समर्थन प्रणाली तैयार करती है।
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ मंत्रियों, जिला कलेक्टरों और मजदूर संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने कामगारों के पोषण पर सरकार के फोकस की सराहना की।
प्रत्येक केंद्र में सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत दिन में दो भोजन बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि पहले वर्ष में यह नेटवर्क एक मिलियन से अधिक कामगारों को कवर करेगा, जिससे खाद्य असुरक्षा में कमी आएगी।
यह पहल राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा जाल को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, विशेषकर आगामी वित्तीय वर्ष से पहले। स्थानीय नगरपालिका निकायों को गुणवत्ता और मूल्य नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना मौजूदा योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वास्थ्य योजना के साथ मिलकर राज्य के सबसे कमजोर वर्गों के लिए एक व्यापक समर्थन प्रणाली तैयार करती है।
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ मंत्रियों, जिला कलेक्टरों और मजदूर संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने कामगारों के पोषण पर सरकार के फोकस की सराहना की।