📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
धर्म
चित्तौड़गढ़ के मंडफिया में सांवलिया सेठ मंदिर में जन्माष्टमी की भव्य तैयारियां
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 04 सित. 2026, 08:02 AM
👁 32
श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया, चित्तौड़गढ़ में 4 सितंबर को जन्माष्टमी के लिए रात 8 बजे ड्रोन शो और दोपहर 12 बजे आरती के बाद आतिशबाजी सहित भव्य तैयारियां चल रही हैं।
चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गांव में स्थित प्राचीन श्री सांवलिया सेठ मंदिर ने 4 सितंबर, 2026 को होने वाले जन्माष्टमी उत्सव के लिए विस्तृत तैयारियां की हैं। समारोह की शुरुआत दोपहर 12 बजे पारंपरिक आरती से होगी, जिसके बाद आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा।
आरती के बाद रात 8 बजे मंदिर में ड्रोन लाइट शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें भगवान कृष्ण के जीवन के प्रमुख प्रसंगों को दर्शाने वाले प्रकाश पैटर्न दिखाए जाएंगे। यह आधुनिक प्रस्तुति स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों के भक्तों को आकर्षित करने की उम्मीद है।
स्थानीय प्रशासन को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों के लिए सूचित किया गया है, विशेषकर आतिशबाजी और ड्रोन शो के संबंध में। मंदिर परिसर में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे और आपातकालीन स्थितियों के लिए मेडिकल स्टेशनों की व्यवस्था की जाएगी।
यह आयोजन राजस्थान में पारंपरिक धार्मिक समारोहों में नई तकनीक को शामिल करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है, साथ ही समुदाय की श्रद्धा और उत्साह को भी उजागर करता है।
भक्तों को सलाह दी गई है कि वे आरती के लिए समय से पहले पहुंचें और मंदिर द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि उत्सव सुरक्षित और सुगम रहे।
आरती के बाद रात 8 बजे मंदिर में ड्रोन लाइट शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें भगवान कृष्ण के जीवन के प्रमुख प्रसंगों को दर्शाने वाले प्रकाश पैटर्न दिखाए जाएंगे। यह आधुनिक प्रस्तुति स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों के भक्तों को आकर्षित करने की उम्मीद है।
स्थानीय प्रशासन को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों के लिए सूचित किया गया है, विशेषकर आतिशबाजी और ड्रोन शो के संबंध में। मंदिर परिसर में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे और आपातकालीन स्थितियों के लिए मेडिकल स्टेशनों की व्यवस्था की जाएगी।
यह आयोजन राजस्थान में पारंपरिक धार्मिक समारोहों में नई तकनीक को शामिल करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है, साथ ही समुदाय की श्रद्धा और उत्साह को भी उजागर करता है।
भक्तों को सलाह दी गई है कि वे आरती के लिए समय से पहले पहुंचें और मंदिर द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि उत्सव सुरक्षित और सुगम रहे।