📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / LauraTurcu
विज्ञान
असम में जीपीएस अध्ययन ने 38,000 हाथी स्थानों को मानचित्रित किया, मुख्य मार्ग दिखाए
✍️ The Assam Tribune
🗓 08 अक्टू. 2026, 11:37 AM
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असम में किए गए जीपीएस सर्वे ने लगभग 38,000 हाथी के स्थान दर्ज किए, जिससे प्रमुख वन्यजीव मार्गों का मानचित्रण संभव हुआ।
एक सहयोगी शोध टीम ने जीपीएस कॉलर लगाकर असम के वन क्षेत्रों में लगभग 38,000 अलग‑अलग हाथी स्थान दर्ज किए। कई महीनों में एकत्रित डेटा को विश्लेषित करके चलन‑पैटर्न और मौसमी बदलावों की पहचान की गई।
इन जीपीएस बिंदुओं के विश्लेषण से कई उच्च‑ट्रैफ़िक मार्ग सामने आए, जो टुकड़े‑टुकड़े हुए आवासों को जोड़ते हैं और कई बार मानव‑हाथी संघर्ष क्षेत्रों से भी मेल खाते हैं। इन मार्गों का मानचित्रण करके अधिकारियों को आवास पुनर्स्थापना को प्राथमिकता देने और लक्षित शमन उपाय लागू करने में मदद मिलेगी।
राज्य वन्यजीव प्राधिकरण ने कहा कि यह अध्ययन अब तक का सबसे व्यापक हाथी गतिशीलता चित्र प्रदान करता है, जो भविष्य की भूमि‑उपयोग योजना, सड़क‑पार संरचनाओं और संघर्ष कम करने के लिए सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों को दिशा देगा।
इन जीपीएस बिंदुओं के विश्लेषण से कई उच्च‑ट्रैफ़िक मार्ग सामने आए, जो टुकड़े‑टुकड़े हुए आवासों को जोड़ते हैं और कई बार मानव‑हाथी संघर्ष क्षेत्रों से भी मेल खाते हैं। इन मार्गों का मानचित्रण करके अधिकारियों को आवास पुनर्स्थापना को प्राथमिकता देने और लक्षित शमन उपाय लागू करने में मदद मिलेगी।
राज्य वन्यजीव प्राधिकरण ने कहा कि यह अध्ययन अब तक का सबसे व्यापक हाथी गतिशीलता चित्र प्रदान करता है, जो भविष्य की भूमि‑उपयोग योजना, सड़क‑पार संरचनाओं और संघर्ष कम करने के लिए सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों को दिशा देगा।