📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
टेक्नोलॉजी
सरकार ने टेक कॉन्क्लेव में एआई नीति लॉन्च करने की घोषणा की
✍️ The Times of India
🗓 09 अक्टू. 2026, 08:32 AM
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भारतीय सरकार आगामी तकनीकी सम्मेलन में नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति पेश करेगी, जैसा कि द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया।
नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि वह आगामी तकनीकी कॉन्क्लेव में एक व्यापक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति को लागू करेगी। यह नीति नियामक ढांचा तैयार करने, अनुसंधान‑विकास को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदार एआई अपनाने को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती है।
प्रेस को दी गई संक्षिप्त सूचना में बताया गया कि नीति का शुभारंभ कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्रों के साथ होगा। अधिकारियों ने कहा कि इस नीति में डेटा गवर्नेंस, नैतिक मानक और कौशल विकास को लेकर दिशा‑निर्देश शामिल होंगे, जिससे भारत का एआई इकोसिस्टम सुदृढ़ होगा।
उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और स्टार्ट‑अप्स के प्रतिनिधियों की उम्मीद है कि वे इस कार्यक्रम में भाग लेकर नीति के प्रावधानों पर विस्तृत ब्रीफ़िंग प्राप्त करेंगे। सरकार ने कहा कि यह ढांचा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप होगा, साथ ही भारत की विशिष्ट सामाजिक‑आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखेगा।
यह तकनीकी सम्मेलन, जिसमें प्रमुख नवाचारकर्ता और नीति निर्माताओं का जमावड़ा होता है, एआई के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर संवाद का मंच प्रदान करेगा। नीति के कार्यान्वयन की समयसीमा से संबंधित अतिरिक्त जानकारी लॉन्च के दौरान दी जाएगी।
यह कदम भारत को उभरती तकनीकों के केंद्र में स्थापित करने और एआई विकास को सुरक्षित एवं समावेशी बनाने की सरकार की व्यापक रणनीति को दर्शाता है।
प्रेस को दी गई संक्षिप्त सूचना में बताया गया कि नीति का शुभारंभ कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्रों के साथ होगा। अधिकारियों ने कहा कि इस नीति में डेटा गवर्नेंस, नैतिक मानक और कौशल विकास को लेकर दिशा‑निर्देश शामिल होंगे, जिससे भारत का एआई इकोसिस्टम सुदृढ़ होगा।
उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और स्टार्ट‑अप्स के प्रतिनिधियों की उम्मीद है कि वे इस कार्यक्रम में भाग लेकर नीति के प्रावधानों पर विस्तृत ब्रीफ़िंग प्राप्त करेंगे। सरकार ने कहा कि यह ढांचा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप होगा, साथ ही भारत की विशिष्ट सामाजिक‑आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखेगा।
यह तकनीकी सम्मेलन, जिसमें प्रमुख नवाचारकर्ता और नीति निर्माताओं का जमावड़ा होता है, एआई के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर संवाद का मंच प्रदान करेगा। नीति के कार्यान्वयन की समयसीमा से संबंधित अतिरिक्त जानकारी लॉन्च के दौरान दी जाएगी।
यह कदम भारत को उभरती तकनीकों के केंद्र में स्थापित करने और एआई विकास को सुरक्षित एवं समावेशी बनाने की सरकार की व्यापक रणनीति को दर्शाता है।