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नागालैंड CJP ने कहा, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के FIR हटाने में देरी की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vikramjit Kakati
राजनीति

नागालैंड CJP ने कहा, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के FIR हटाने में देरी की

✍️ Nagaland Post 🗓 19 अग. 2026, 03:33 PM 👁 26
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नागालैंड के मुख्य न्यायाधीश का आरोप है कि राज्य सरकार ने हालिया प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने में देरी की है।

नागालैंड के मुख्य न्यायाधीश ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि राज्य सरकार उन प्रथम सूचना रिपोर्टों (FIR) को रद्द करने में देरी कर रही है, जो हालिया प्रदर्शनों में भाग लेने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थीं। यह आरोप प्रशासनिक प्रक्रिया में होने वाली देरी को उजागर करता है, जिससे अभियुक्तों को आपराधिक आरोपों से मुक्त किया जा सकता था। अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और यह मामला जांच के दायरे में बना हुआ है। मुख्य न्यायाधीश के इस बयान से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में न्याय के समयबद्ध कार्यान्वयन को लेकर चिंता स्पष्ट होती है।

इन FIR को प्रदर्शनों के बाद दर्ज किया गया था, जिनमें राज्य भर का ध्यान आकर्षित हुआ था। यद्यपि मामलों की सटीक संख्या या प्रदर्शन की प्रकृति का उल्लेख नहीं किया गया, इनकी रद्दीकरण की मांग प्रदर्शकों के लिए कानूनी राहत की व्यापक मांग को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी देरी से अभियुक्तों के अधिकारों और न्याय प्रणाली की सार्वजनिक छवि पर असर पड़ सकता है।

सिविल सोसाइटी समूह सहित विभिन्न हितधारकों ने इस स्थिति पर करीबी नज़र रखी है और सरकार से FIR को संबोधित करने की समयसीमा स्पष्ट करने की उम्मीद की है। यह विकास नागालैंड में कानून प्रवर्तन और नागरिक स्वतंत्रताओं के संबंध में चल रहे बहस में एक नया पहलू जोड़ता है।
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