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28 सित. 2026•
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सरकार ने हाईकोर्ट के 100% प्रोबेशन वेतन आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
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सरकार ने हाईकोर्ट के 100% प्रोबेशन वेतन आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 17 सित. 2026, 09:45 AM 👁 58
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केन्द्र सरकार ने 2019 के हाईकोर्ट आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें प्रोबेशन में नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति के दिन से 100% वेतन देने का निर्देश है।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 2019 के हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द करवाने की मांग की है, जिसमें प्रोबेशन अवधि में नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति के दिन से पूर्ण वेतन देने का निर्देश दिया गया था। सरकार का तर्क है कि यह आदेश 70‑80‑90% वेतन की पारंपरिक व्यवस्था को उलट देता है और कोष पर अनावश्यक बोझ डालता है।

हाईकोर्ट ने 2019 में यह फैसला सुनाया था कि प्रोबेशन में रहने वाले कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन मिलना चाहिए, अर्थात् नियुक्ति के पहले दिन से ही 100% वेतन। इस निर्णय को कर्मचारी संघों ने सराहा, परन्तु वित्तीय प्राधिकरणों ने संभावित खर्चों को लेकर चिंता जताई।

सरकार के अनुसार, इस आदेश को लागू करने से सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बजट घाटा बढ़ेगा और अन्य विकासात्मक योजनाओं के लिए संसाधन कम पड़ेंगे। याचिका में इस आदेश पर स्थगन की मांग की गई है, ताकि सुप्रीम कोर्ट इसके संवैधानिक और वित्तीय पहलुओं की समीक्षा कर सके।

कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले का निर्णय भविष्य में सिविल सेवाओं के रोजगार शर्तों और वेतन संरचना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
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