📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vn14
स्थानीय
गोवा को जल संकट से बचाने के लिए जल-निष्कर्षण संयंत्र की तात्कालिक आवश्यकता
✍️ Goa Chronicle
🗓 08 सित. 2026, 09:32 AM
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गोवा क्रॉनिकल ने चेतावनी दी है कि जल‑संकट से बचने के लिए राज्य को जल्द ही जल‑निष्कर्षण संयंत्र स्थापित करना चाहिए।
गोवा में मौसमी जल की कमी बढ़ने के कारण मीठे पानी पर दबाव बढ़ रहा है। गोवा क्रॉनिकल के अनुसार, जल‑निष्कर्षण संयंत्र स्थापित करने से समुद्री जल को शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जा सकता है, जिससे भूजल और वर्षा पर निर्भरता कम होगी।
राज्य के अधिकारी इस परियोजना की तकनीकी और वित्तीय संभावनाओं की समीक्षा कर रहे हैं, और रिपोर्ट में कहा गया है कि जल‑संकट को रोकने के लिए शीघ्र कदम उठाना आवश्यक है।
यदि लागू किया गया, तो यह संयंत्र गोवा के तटवर्ती क्षेत्रों के समुद्री जल का उपयोग करेगा और उसे शुद्ध करके नागरिकों को उपलब्ध कराएगा। गोवा क्रॉनिकल ने कहा है कि अब योजना बनाकर जल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे निवासियों और पर्यटकों दोनों को लाभ होगा।
स्थानीय प्रशासन इंजीनियरों और निवेशकों के साथ मिलकर निर्माण की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इसे मौजूदा जल‑आपूर्ति नेटवर्क में जोड़ा जा सके।
समुद्री जल के उपयोग की यह पहल भारत के तटीय क्षेत्रों में जल‑संकट के बढ़ते जोखिम के मद्देनज़र एक स्थायी समाधान के रूप में देखी जा रही है।
राज्य के अधिकारी इस परियोजना की तकनीकी और वित्तीय संभावनाओं की समीक्षा कर रहे हैं, और रिपोर्ट में कहा गया है कि जल‑संकट को रोकने के लिए शीघ्र कदम उठाना आवश्यक है।
यदि लागू किया गया, तो यह संयंत्र गोवा के तटवर्ती क्षेत्रों के समुद्री जल का उपयोग करेगा और उसे शुद्ध करके नागरिकों को उपलब्ध कराएगा। गोवा क्रॉनिकल ने कहा है कि अब योजना बनाकर जल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे निवासियों और पर्यटकों दोनों को लाभ होगा।
स्थानीय प्रशासन इंजीनियरों और निवेशकों के साथ मिलकर निर्माण की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इसे मौजूदा जल‑आपूर्ति नेटवर्क में जोड़ा जा सके।
समुद्री जल के उपयोग की यह पहल भारत के तटीय क्षेत्रों में जल‑संकट के बढ़ते जोखिम के मद्देनज़र एक स्थायी समाधान के रूप में देखी जा रही है।