📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
2027 चुनाव से पहले कोटा न पूरा होने पर गोवा के एसटी ने किया अभियान का इशारा
✍️ The Goan
🗓 20 अक्टू. 2026, 10:46 AM
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गोवा के अनुसूचित जनजातियों ने कहा है कि 2027 के चुनाव से पहले कोटा प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो वे अभियान शुरू करेंगे।
गोवा की अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षित कोटा प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो वे एक अभियान शुरू करेंगे। यह कोटा एसटी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है। एसटी नेताओं ने कहा कि यह समय सीमा महत्वपूर्ण है क्योंकि अगला चुनाव अगले दशक की राजनीतिक दिशा तय करेगा।
राज्य सरकार के अधिकारियों से कई बार इस कोटा को शीघ्रता से लागू करने की अपील की गई है, परन्तु एसटी समुदाय का कहना है कि प्रक्रिया में अब तक पर्याप्त प्रगति नहीं हुई। वे इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि अगर सरकार कार्य नहीं करती तो वे पूरे राज्य में प्रदर्शन करेंगे, जिससे इस मुद्दे पर जनसमर्थन और मीडिया का ध्यान आकर्षित हो सके।
यह चेतावनी तब आई है जब विभिन्न राजनीतिक पार्टियां अपने चुनावी रणनीतियों को तैयार कर रही हैं और एसटी वोट कई निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर आंदोलन होने से मतदाता भावना पर असर पड़ सकता है और प्रशासन को चुनाव कैलेंडर कड़ा होने से पहले कोटा मुद्दे को सुलझाने के लिए दबाव बढ़ेगा।
हालांकि अभी तक अभियान की कोई निश्चित तिथि नहीं बताई गई है, एसटी प्रतिनिधियों ने सरकार से निवेदन किया है कि नामांकन की अंतिम तिथि से पहले, जो 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है, कोटा प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। चुनाव की समयसीमा नज़दीक आने के साथ यह स्थिति नज़र में बनी हुई है।
राज्य सरकार के अधिकारियों से कई बार इस कोटा को शीघ्रता से लागू करने की अपील की गई है, परन्तु एसटी समुदाय का कहना है कि प्रक्रिया में अब तक पर्याप्त प्रगति नहीं हुई। वे इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि अगर सरकार कार्य नहीं करती तो वे पूरे राज्य में प्रदर्शन करेंगे, जिससे इस मुद्दे पर जनसमर्थन और मीडिया का ध्यान आकर्षित हो सके।
यह चेतावनी तब आई है जब विभिन्न राजनीतिक पार्टियां अपने चुनावी रणनीतियों को तैयार कर रही हैं और एसटी वोट कई निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर आंदोलन होने से मतदाता भावना पर असर पड़ सकता है और प्रशासन को चुनाव कैलेंडर कड़ा होने से पहले कोटा मुद्दे को सुलझाने के लिए दबाव बढ़ेगा।
हालांकि अभी तक अभियान की कोई निश्चित तिथि नहीं बताई गई है, एसटी प्रतिनिधियों ने सरकार से निवेदन किया है कि नामांकन की अंतिम तिथि से पहले, जो 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है, कोटा प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। चुनाव की समयसीमा नज़दीक आने के साथ यह स्थिति नज़र में बनी हुई है।