📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dale Frost of the Port of San Diego at https://www
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गोवा के राज्यपाल ने हिंदी‑काश्मिरी संगम में 13 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया
✍️ Daily Excelsior
🗓 10 सित. 2026, 04:33 AM
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गोवा के राज्यपाल ने हिंदी‑काश्मिरी संगम समारोह में 13 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया, दो भाषाओं के सांस्कृतिक सहयोग को उजागर किया।
पणजी, गोवा – गोवा के राज्यपाल ने हिंदी‑काश्मिरी संगम नामक समारोह का संचालन किया, जिसमें भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक एकीकरण में योगदान देने वाले 13 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य में हिंदी और कश्मीरी समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करना था।
सम्मानित व्यक्तियों में विद्वान, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने भाषाई सौहार्द को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रयास किए हैं। प्रत्येक पुरस्कार राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता में बहुभाषी संवाद के महत्व पर बल दिया।
समारोह में हिंदी और कश्मीरी दोनों कला रूपों को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिससे क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक धरोहर उजागर हुई। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि यह मान्यता विभिन्न भाषाई समूहों के बीच और अधिक सहयोगी पहल को प्रेरित करेगी।
राज्यपाल ने ऐसे अंतरसांस्कृतिक मंचों को पोषित करने में राज्य के समर्थन की भूमिका पर प्रकाश डाला, तथा इस प्रकार की भाषाई सहयोगी पहलों को जारी रखने के लिए सार्वजनिक और निजी भागीदारी की अपील की।
सम्मानित व्यक्तियों में विद्वान, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने भाषाई सौहार्द को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रयास किए हैं। प्रत्येक पुरस्कार राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता में बहुभाषी संवाद के महत्व पर बल दिया।
समारोह में हिंदी और कश्मीरी दोनों कला रूपों को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिससे क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक धरोहर उजागर हुई। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि यह मान्यता विभिन्न भाषाई समूहों के बीच और अधिक सहयोगी पहल को प्रेरित करेगी।
राज्यपाल ने ऐसे अंतरसांस्कृतिक मंचों को पोषित करने में राज्य के समर्थन की भूमिका पर प्रकाश डाला, तथा इस प्रकार की भाषाई सहयोगी पहलों को जारी रखने के लिए सार्वजनिक और निजी भागीदारी की अपील की।