📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fredericknoronha
शिक्षा
गोवा के शिक्षा मंत्री तावड़कर ने स्कूलों को जनजातीय मेले की यात्रा के लिए प्रेरित किया
✍️ The Times of India
🗓 22 अक्टू. 2026, 02:21 AM
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गोवा के शिक्षा मंत्री प्रमोद तावड़कर ने राज्य के सभी स्कूलों को वार्षिक जनजातीय मेले की यात्रा आयोजित करने का आग्रह किया, ताकि छात्रों को मूल संस्कृति से परिचित कराया जा सके।
गोवा के शिक्षा मंत्री प्रमोद तावड़कर ने राज्य भर के स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे वार्षिक जनजातीय मेले की यात्रा का आयोजन करें। यह प्रस्ताव हाल ही में उनके बयानों में आया, जिसका उद्देश्य स्कूल पाठ्यक्रम में सांस्कृतिक जागरूकता को जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय कला, शिल्प और परम्पराओं को प्रत्यक्ष रूप से देखना छात्रों को गोवा की विविध विरासत को समझने में मदद करेगा। मेले में भाग लेकर विद्यार्थी स्थानीय कारीगरों और कलाकारों से सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
जनजातीय मेले का आयोजन हर साल गोवा के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जहाँ पारम्परिक संगीत, नृत्य, भोजन और हस्तशिल्प प्रदर्शित होते हैं। तावड़कर ने कहा कि स्कूलों को स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षित और शैक्षिक यात्राओं की व्यवस्था करनी चाहिए।
शिक्षा विभाग जल्द ही स्कूलों को इस यात्रा को शैक्षणिक योजना में शामिल करने के लिए दिशा‑निर्देश जारी करेगा, हालांकि अभी तक कोई निश्चित समय‑सीमा तय नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय कला, शिल्प और परम्पराओं को प्रत्यक्ष रूप से देखना छात्रों को गोवा की विविध विरासत को समझने में मदद करेगा। मेले में भाग लेकर विद्यार्थी स्थानीय कारीगरों और कलाकारों से सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
जनजातीय मेले का आयोजन हर साल गोवा के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जहाँ पारम्परिक संगीत, नृत्य, भोजन और हस्तशिल्प प्रदर्शित होते हैं। तावड़कर ने कहा कि स्कूलों को स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षित और शैक्षिक यात्राओं की व्यवस्था करनी चाहिए।
शिक्षा विभाग जल्द ही स्कूलों को इस यात्रा को शैक्षणिक योजना में शामिल करने के लिए दिशा‑निर्देश जारी करेगा, हालांकि अभी तक कोई निश्चित समय‑सीमा तय नहीं की गई है।