📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
शिक्षा
वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञ हरियाणा में NIPUN कार्यक्रम का अध्ययन करने आए
✍️ Hindustan Times
🗓 29 अग. 2026, 09:53 AM
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अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विशेषज्ञ हरियाणा में आए, जहाँ उन्होंने बुनियादी साक्षरता‑संख्यात्मकता को सुदृढ़ करने वाले NIPUN कार्यक्रम की प्रगति का मूल्यांकन किया।
विभिन्न देशों के शिक्षा विशेषज्ञों का एक समूह इस सप्ताह हरियाणा पहुंचा, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय पढ़ने‑लिखने की दक्षता (NIPUN) पहल की प्रगति का निरीक्षण किया। इस टीम में यूनेस्को, विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो पाठ्यक्रम बदलाव, शिक्षक प्रशिक्षण और प्रारम्भिक कक्षा के मूल्यांकन डेटा की समीक्षा करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं की पहचान करना है, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा सके, तथा राज्य को 2025 तक कक्षा‑3 में दक्षता हासिल करने के लक्ष्य में मदद करना है। प्रतिनिधिमंडल चयनित सरकारी स्कूलों में कक्षा संचालन भी देखेगा।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने विशेषज्ञों का स्वागत किया, यह कहते हुए कि 2022 में NIPUN के कार्यान्वयन के बाद से पढ़ने‑लिखने और गणित में स्कोर में निरंतर सुधार हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय सुझाव रणनीतियों को परिष्कृत करेंगे और परिणामों को तेज़ करेंगे।
तीन दिन के इस दौरे के बाद एक संयुक्त रिपोर्ट जारी की जाएगी, जिसमें नीति सुधार और संसाधन आवंटन के लिए सिफ़ारिशें होंगी।
शिक्षक संघों और अभिभावक समूहों को भी चर्चा मंचों में भाग लेने का आमंत्रण दिया गया है, ताकि कार्यक्रम के प्रभाव पर व्यापक दृष्टिकोण मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं की पहचान करना है, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा सके, तथा राज्य को 2025 तक कक्षा‑3 में दक्षता हासिल करने के लक्ष्य में मदद करना है। प्रतिनिधिमंडल चयनित सरकारी स्कूलों में कक्षा संचालन भी देखेगा।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने विशेषज्ञों का स्वागत किया, यह कहते हुए कि 2022 में NIPUN के कार्यान्वयन के बाद से पढ़ने‑लिखने और गणित में स्कोर में निरंतर सुधार हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय सुझाव रणनीतियों को परिष्कृत करेंगे और परिणामों को तेज़ करेंगे।
तीन दिन के इस दौरे के बाद एक संयुक्त रिपोर्ट जारी की जाएगी, जिसमें नीति सुधार और संसाधन आवंटन के लिए सिफ़ारिशें होंगी।
शिक्षक संघों और अभिभावक समूहों को भी चर्चा मंचों में भाग लेने का आमंत्रण दिया गया है, ताकि कार्यक्रम के प्रभाव पर व्यापक दृष्टिकोण मिल सके।