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भारत के गिग कामगारों को मौसम‑संबंधी जोखिम और दुर्घटनाओं का सामना, अधिकांश के पास नहीं है स्वास्थ्य बीमा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ZeshanB
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भारत के गिग कामगारों को मौसम‑संबंधी जोखिम और दुर्घटनाओं का सामना, अधिकांश के पास नहीं है स्वास्थ्य बीमा

✍️ TheWire.in 🗓 05 सित. 2026, 06:44 AM 👁 45
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एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के गिग कामगार अत्यधिक मौसम और दुर्घटनाओं से जोखिम में हैं, जबकि अधिकांश के पास कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं है।

TheWire.in द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट ने भारत में गिग‑इकोनॉमी कामगारों की असुरक्षित स्थिति को उजागर किया है। इस अध्ययन में डिलीवरी राइडर, राइड‑शेयर ड्राइवर और अन्य ऑन‑डिमांड सेवा प्रदाताओं का सर्वेक्षण किया गया, जहाँ पाया गया कि वे अक्सर अत्यधिक गर्मी, भारी बारिश और अचानक तूफानों वाले क्षेत्रों में काम करते हैं। इन मौसमीय चुनौतियों से न केवल आय में बाधा आती है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और चोटों का जोखिम भी बढ़ जाता है।

रिपोर्ट बताती है कि कई गिग कामगारों के पास मूलभूत सुरक्षा उपकरण नहीं होते और उन्हें खतरनाक परिस्थितियों में भी काम जारी रखने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे फिसलन, गिरावट और वाहन टक्करों की संभावना बढ़ जाती है। अचानक बरसात या गर्मी की लहरों के कारण हुई कई दुर्घटनाओं ने काम के दिन खोने और चिकित्सा खर्चों में वृद्धि की है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन कामगारों में से अधिकांश के पास कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं है। बीमा के बिना, काम के दौरान हुई चोट या बीमारी से जुड़ी लागतें उनके लिए असहनीय बन जाती हैं, जिससे वित्तीय संकट उत्पन्न हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा गिग सेक्टर में सख्त नियामक ढांचे और नियोक्ता‑प्रेरित सुरक्षा जाल की आवश्यकता को रेखांकित करता है। वे सभी गिग कामगारों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य लाभ, मौसम‑संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल और बेहतर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की मांग कर रहे हैं।
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