📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
विज्ञान
अरुणाचल प्रदेश के पुल में भू‑तापीय सर्वेक्षण शुरू, स्वच्छ ऊर्जा की तलाश
✍️ The Arunachal Times
🗓 04 अक्टू. 2026, 04:19 AM
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पुल में भू‑तापीय संसाधनों का मूल्यांकन शुरू, अरुणाचल प्रदेश की ऊर्जा मिश्रण में स्वच्छ शक्ति जोड़ने की योजना।
राज्य अधिकारियों और भू‑विज्ञानियों की एक टीम ने अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ पुल क्षेत्र में भू‑तापीय संभावनाओं की नक्शा बनाने के लिए सर्वेक्षण शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की भूमिगत गर्मी को बिजली उत्पादन के लिए उपयोगी बनाना है, जिससे मौजूदा जल और सौर परियोजनाओं के साथ ऊर्जा मिश्रण को सुदृढ़ किया जा सके।
हिमालयी फॉल्ट लाइन के साथ स्थित अरुणाचल प्रदेश में उच्च भू‑तापीय ग्रेडिएंट ज्ञात हैं, जिससे यह नवीकरणीय ऊर्जा विकास के लिए आशाजनक बनता है। सर्वेक्षण में परीक्षण कुओं की ड्रिलिंग, भूमिगत तापमान मापना और चट्टानों के नमूनों का विश्लेषण शामिल होगा, ताकि व्यवहार्यता का आकलन किया जा सके।
यदि अध्ययन में उपयोगी भू‑तापीय भंडार की पुष्टि होती है, तो राज्य अपनी स्वच्छ‑ऊर्जा पोर्टफोलियो को विविधित कर सकता है, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटा सकता है और दूरस्थ समुदायों में नई रोजगार संभावनाएँ पैदा कर सकता है। इस रिपोर्ट को इस वर्ष के अंत तक राज्य सरकार को प्रस्तुत करने की योजना है।
हिमालयी फॉल्ट लाइन के साथ स्थित अरुणाचल प्रदेश में उच्च भू‑तापीय ग्रेडिएंट ज्ञात हैं, जिससे यह नवीकरणीय ऊर्जा विकास के लिए आशाजनक बनता है। सर्वेक्षण में परीक्षण कुओं की ड्रिलिंग, भूमिगत तापमान मापना और चट्टानों के नमूनों का विश्लेषण शामिल होगा, ताकि व्यवहार्यता का आकलन किया जा सके।
यदि अध्ययन में उपयोगी भू‑तापीय भंडार की पुष्टि होती है, तो राज्य अपनी स्वच्छ‑ऊर्जा पोर्टफोलियो को विविधित कर सकता है, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटा सकता है और दूरस्थ समुदायों में नई रोजगार संभावनाएँ पैदा कर सकता है। इस रिपोर्ट को इस वर्ष के अंत तक राज्य सरकार को प्रस्तुत करने की योजना है।