📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prince Roy
अपराध
750 से अधिक पुलिस अधिकारियों के लिए जेंडर‑रेस्पॉन्सिव प्रशिक्षण शुरू
✍️ The Times of India
🗓 06 अक्टू. 2026, 03:32 AM
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आज से 750 से अधिक पुलिस कर्मियों को जेंडर‑रेस्पॉन्सिव प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे लिंग‑संबंधी मामलों में सुधार होगा।
पुलिस विभाग ने आज जेंडर‑रेस्पॉन्सिव प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें देश भर के 750 से अधिक अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह पहल पुलिस कर्मियों को लिंग‑संबंधी अपराधों को संवेदनशीलता और प्रभावी ढंग से संभालने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से है।
पाठ्यक्रम में जेंडर संवेदनशीलता, संबंधित कानूनी प्रावधान, पीड़ित‑केन्द्रित प्रतिक्रिया तकनीक और परिदृश्य‑आधारित अभ्यास शामिल हैं। प्रशिक्षकों में जेंडर अध्ययन के विशेषज्ञ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जो व्यावहारिक केस स्टडी के माध्यम से भागीदारों का मार्गदर्शन करते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम महिलाओं, ट्रांसजेंडर और अन्य संवेदनशील समूहों के खिलाफ अपराधों को संबोधित करने की पुलिस की क्षमता को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय लिंग‑सुरक्षा उद्देश्यों के साथ संरेखित है।
इन मॉड्यूल को नियमित पुलिस प्रशिक्षण में सम्मिलित करके, मंत्रालय एक अधिक समावेशी और उत्तरदायी पुलिसिंग संस्कृति को बढ़ावा देना चाहता है, जिससे सार्वजनिक भरोसा और सुरक्षा परिणामों में सुधार होगा।
पाठ्यक्रम में जेंडर संवेदनशीलता, संबंधित कानूनी प्रावधान, पीड़ित‑केन्द्रित प्रतिक्रिया तकनीक और परिदृश्य‑आधारित अभ्यास शामिल हैं। प्रशिक्षकों में जेंडर अध्ययन के विशेषज्ञ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जो व्यावहारिक केस स्टडी के माध्यम से भागीदारों का मार्गदर्शन करते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम महिलाओं, ट्रांसजेंडर और अन्य संवेदनशील समूहों के खिलाफ अपराधों को संबोधित करने की पुलिस की क्षमता को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय लिंग‑सुरक्षा उद्देश्यों के साथ संरेखित है।
इन मॉड्यूल को नियमित पुलिस प्रशिक्षण में सम्मिलित करके, मंत्रालय एक अधिक समावेशी और उत्तरदायी पुलिसिंग संस्कृति को बढ़ावा देना चाहता है, जिससे सार्वजनिक भरोसा और सुरक्षा परिणामों में सुधार होगा।