स्थानीय
ग्वालियर दक्षिण में 45.24 लाख रुपये की लागत वाली डामरीकृत सड़क का भूमिपूजन
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने वार्ड‑44 के खुर्जेवाला मोहल्ले में 45.24 लाख रुपये की लागत वाली डामरीकृत सड़क का भूमिपूजन किया, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित हुई।
ग्वालियर दक्षिण में विकास कार्यों की श्रृंखला को निरंतर जारी रखने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने वार्ड‑44 के अंतर्गत खुर्जेवाला मोहल्ला, दौलतगंज में डामरीकृत सड़क के भूमिपूजन समारोह का संचालन किया। यह कार्य मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से 45 लाख 24 हजार रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली सड़क के लिए किया गया।
भूमिपूजन कार्य में कन्या पूजन तथा मशीन की पूजा सहित पारम्परिक अनुष्ठान किए गए। इस सड़क का निर्माण दौलतगंज में नमकीन वाली दुकान से शुरू होकर मैथलीशरण गुप्त के चौराहे तक होगा, जहाँ से खुर्जेवाला मोहल्ला तक का मार्ग सुधारा जाएगा।
समारोह में पूर्व विधायक श्री रमेश अग्रवाल, वार्ड पार्षद श्रीमती यामिनी परांडे, तथा सर्वश्री कनवर मंगलानी, कमल माखीजानी, प्रिंस मझवार, श्रीमती रामबाई पाल सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित थे।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि सरकार प्रत्येक बस्ती में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और यह परियोजना उन प्रतिबद्धताओं का एक ठोस उदाहरण है। इस सड़क के पूर्ण होने पर स्थानीय निवासियों को बेहतर संपर्क और आर्थिक लाभ की अपेक्षा की जा रही है।
भूमिपूजन कार्य में कन्या पूजन तथा मशीन की पूजा सहित पारम्परिक अनुष्ठान किए गए। इस सड़क का निर्माण दौलतगंज में नमकीन वाली दुकान से शुरू होकर मैथलीशरण गुप्त के चौराहे तक होगा, जहाँ से खुर्जेवाला मोहल्ला तक का मार्ग सुधारा जाएगा।
समारोह में पूर्व विधायक श्री रमेश अग्रवाल, वार्ड पार्षद श्रीमती यामिनी परांडे, तथा सर्वश्री कनवर मंगलानी, कमल माखीजानी, प्रिंस मझवार, श्रीमती रामबाई पाल सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित थे।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि सरकार प्रत्येक बस्ती में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और यह परियोजना उन प्रतिबद्धताओं का एक ठोस उदाहरण है। इस सड़क के पूर्ण होने पर स्थानीय निवासियों को बेहतर संपर्क और आर्थिक लाभ की अपेक्षा की जा रही है।