गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए हर ग्रामीण को श्रमदान करने का आह्वान किया
कच्छ जिले की मुंद्रा तहसील स्थित विराणीया गांव के प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित रात्रि सभा में सम्मिलित होकर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामवासियों के साथ गांव के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याणकारी विषयों पर आत्मीय संवाद किया।
गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए हर ग्रामीण को श्रमदान करने का आह्वान किया। जन्मदिन एवं विवाह की वर्षगांठ जैसे अवसरों पर अनिवार्य रूप से पौधारोपण कर कच्छ की धरा को हरा-भरा बनाने की अपील की।
रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती को जन-स्वास्थ्य और राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। साथ ही, पशुपालन में आधुनिक तकनीक अपनाने का सुझाव दिया। वर्षा जल का अधिकतम संचयन करने पर बल दिया।
बच्चों और युवाओं को भारत का भविष्य बताते हुए अभिभावकों से आग्रह किया कि वह बच्चों को मोबाइल की लत, जंकफूड और नशाखोरी से दूर रखें तथा उनमें उच्च संस्कार सिंचित करें।
ईश्वर ने इस धरती पर केवल मनुष्य जाति का सृजन किया है। जातिगत भेदभाव मानव की संकुचित मानसिकता का परिणाम है। गांव की प्रगति के लिए सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, सामाजिक समरसता, भाईचारे और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया।
गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए हर ग्रामीण को श्रमदान करने का आह्वान किया। जन्मदिन एवं विवाह की वर्षगांठ जैसे अवसरों पर अनिवार्य रूप से पौधारोपण कर कच्छ की धरा को हरा-भरा बनाने की अपील की।
रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती को जन-स्वास्थ्य और राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। साथ ही, पशुपालन में आधुनिक तकनीक अपनाने का सुझाव दिया। वर्षा जल का अधिकतम संचयन करने पर बल दिया।
बच्चों और युवाओं को भारत का भविष्य बताते हुए अभिभावकों से आग्रह किया कि वह बच्चों को मोबाइल की लत, जंकफूड और नशाखोरी से दूर रखें तथा उनमें उच्च संस्कार सिंचित करें।
ईश्वर ने इस धरती पर केवल मनुष्य जाति का सृजन किया है। जातिगत भेदभाव मानव की संकुचित मानसिकता का परिणाम है। गांव की प्रगति के लिए सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, सामाजिक समरसता, भाईचारे और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया।