धर्म
गढ़ में राम जन्म लीला का भव्य मंचन: हजारों भक्तों ने किया जय श्री राम का उद्घोष
पौराणिक गढ़ गंगनगरी, ब्रजघाट और बहादुरगढ़ में गुरुवार की रात को भगवान राम के जन्म की लीला का मंचन हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने जय श्री राम के उद्घोष लगाए। इस दौरान विश्वामित्र आगमन और ताड़का वध की लीलाओं का भी जीवंत मंचन किया गया।
बृहस्पतिवार की रात को पौराणिक गढ़ गंगनगरी, ब्रजघाट और बहादुरगढ़ में भगवान राम के जन्म की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान हजारों भक्तों की भीड़ ने 'जय श्री राम' के जय घोष के नारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। मंडली के कलाकारों के जीवंत अभिनय ने मंच को अयोध्या की तरह सजीव बना दिया।
लीला के मंचन में ऋषि विश्वामित्र का आगमन हुआ, जिनका राजा दशरथ ने भव्य अभिनंदन किया। इसके बाद राक्षसी ताड़का के वध की लीला का मंचन हुआ, जिसमें एक विशालकाय पुतला रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच जलकर राख हो गया। इससे पूर्व नारद मोह और रावण जन्म की लीलाओं का भी मंचन हुआ था।
श्री राम लीला समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री माँ भद्रकाली मंदिर समिति चोपला गढ़मुक्तेश्वर के एडवोकेट लोकेन्द्र राणा उर्फ लक्की बजरंग दल की पूरी टीम को माला व पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। रामलीला समिति के अध्यक्ष धनवंत कुमार जैन, कार्यकारी अध्यक्ष पंडित विष्णु नागर, महामंत्री नितिन जैन, कोषाध्यक्ष पंडित अमित राय गौतम, चेयरमैन राकेश बजरंगी, संरक्षक पवन जैन, विजय शर्मा, संजीव शर्मा, नीरज शर्मा सहित अनेक भक्तजन उपस्थित रहे।
लीला के मंचन में ऋषि विश्वामित्र का आगमन हुआ, जिनका राजा दशरथ ने भव्य अभिनंदन किया। इसके बाद राक्षसी ताड़का के वध की लीला का मंचन हुआ, जिसमें एक विशालकाय पुतला रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच जलकर राख हो गया। इससे पूर्व नारद मोह और रावण जन्म की लीलाओं का भी मंचन हुआ था।
श्री राम लीला समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री माँ भद्रकाली मंदिर समिति चोपला गढ़मुक्तेश्वर के एडवोकेट लोकेन्द्र राणा उर्फ लक्की बजरंग दल की पूरी टीम को माला व पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। रामलीला समिति के अध्यक्ष धनवंत कुमार जैन, कार्यकारी अध्यक्ष पंडित विष्णु नागर, महामंत्री नितिन जैन, कोषाध्यक्ष पंडित अमित राय गौतम, चेयरमैन राकेश बजरंगी, संरक्षक पवन जैन, विजय शर्मा, संजीव शर्मा, नीरज शर्मा सहित अनेक भक्तजन उपस्थित रहे।