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गांधी जयंती और शास्त्री जयंती: सत्य, अहिंसा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को किया गया याद
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बलिया में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके विचारों और आदर्शों को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। सत्य, अहिंसा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के संदेशों को दोहराया गया।
बलिया में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर गांधी जी के सत्य, अहिंसा, क्षमा, दया, करुणा, आपसी प्रेम और सौहार्द के संदेश को याद किया गया।
नज़ीर बनारसी की पंक्तियां, “ज़मीं वालों ने जब तेरी कद्र कम कर दी मेरे बापू, ज़मीं से ले गए तुझको उठाकर आसमां वाले।” महात्मा गांधी के प्रति गहरी श्रद्धा और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। गांधी जी का जीवन हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने, उनसे सीखने और निरंतर आत्म-संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सत्य और अहिंसा के उनके विचार आज भी समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द की राह दिखाते हैं।
वहीं, “जय जवान, जय किसान” का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक माने जाते हैं। उनका सरल जीवन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
दोनों महान विभूतियों को उनकी जयंती पर सादर नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से देश को नई दिशा दी।
नज़ीर बनारसी की पंक्तियां, “ज़मीं वालों ने जब तेरी कद्र कम कर दी मेरे बापू, ज़मीं से ले गए तुझको उठाकर आसमां वाले।” महात्मा गांधी के प्रति गहरी श्रद्धा और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। गांधी जी का जीवन हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने, उनसे सीखने और निरंतर आत्म-संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सत्य और अहिंसा के उनके विचार आज भी समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द की राह दिखाते हैं।
वहीं, “जय जवान, जय किसान” का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक माने जाते हैं। उनका सरल जीवन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
दोनों महान विभूतियों को उनकी जयंती पर सादर नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से देश को नई दिशा दी।