Religion
गुरसराय में दुर्गा मूर्तियों का भसनेह डेम पर भावनात्मक विसर्जन
गुरसराय में नौ दिन चलने वाले दुर्गा उत्सव के अंत में, स्थानीय निकाय और पुलिस की देखरेख में दुर्गा की मूर्तियों का भसनेह डेम पर विसर्जन किया गया।
गुरसराय थाना क्षेत्र में नौ दिनों तक दुर्गा पंडाल स्थापित रहे, जहाँ दुर्गा काली माँ की मूर्तियों की पूजा, सुबह‑शाम आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी नवदुर्गा समिति ने दुर्गा जी का भंडारा, कन्या भोज तथा हवन किया, तथा मातृरानी को नगर के विभिन्न चौराहों से निकालकर रंगोली सजाकर आरती के साथ विदा किया।
उत्सव के समापन में 40‑45 वर्ष पुरानी बाजार की मूर्ति को चार पहिए वाले ठेले पर रखकर समिति के सदस्य सारथी बने। बच्चियों ने देवी की मूर्ति को अपने कंधों पर उठाकर विसर्जन के लिए जुलूस में ले जाया, जहाँ घोड़े, डीजे और देवी के स्वरूप की सजावट के साथ जयकारें गूँजती रही।
जुलूस शीतला माता मंदिर तक पहुँचा, जहाँ से भसनेह डेम की ओर बढ़ा। विसर्जन से पहले एसडीएम सुनील कुमार, डिप्टी एसपी पीयूष पांडे, थाना अध्यक्ष अखिलेश द्विवेदी और अन्य पुलिस अधिकारियों की कठोर देखरेख में आरती की गई। इसके बाद नगर की कई मूर्तियों को नम आँखों से भसनेह डेम पर जल में विसर्जित किया गया।
इस धार्मिक आयोजन ने नगरवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की भागीदारी को उजागर किया, जिससे सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की भावना को मजबूती मिली।
उत्सव के समापन में 40‑45 वर्ष पुरानी बाजार की मूर्ति को चार पहिए वाले ठेले पर रखकर समिति के सदस्य सारथी बने। बच्चियों ने देवी की मूर्ति को अपने कंधों पर उठाकर विसर्जन के लिए जुलूस में ले जाया, जहाँ घोड़े, डीजे और देवी के स्वरूप की सजावट के साथ जयकारें गूँजती रही।
जुलूस शीतला माता मंदिर तक पहुँचा, जहाँ से भसनेह डेम की ओर बढ़ा। विसर्जन से पहले एसडीएम सुनील कुमार, डिप्टी एसपी पीयूष पांडे, थाना अध्यक्ष अखिलेश द्विवेदी और अन्य पुलिस अधिकारियों की कठोर देखरेख में आरती की गई। इसके बाद नगर की कई मूर्तियों को नम आँखों से भसनेह डेम पर जल में विसर्जित किया गया।
इस धार्मिक आयोजन ने नगरवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की भागीदारी को उजागर किया, जिससे सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की भावना को मजबूती मिली।