ग्राम पंचायत रिमार में विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का
ग्राम पंचायत रिमार में विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप, कलेक्टर से शिकायत
जयसिंहनगर (शहडोल)
जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम पंचायत रिमार में निर्माण व विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, इंजीनियर एवं उनके सहयोगियों की मिलीभगत से शासकीय राशि के गबन और घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए रिमार निवासी केशव अहिरवार ने शहडोल कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर जांच व वसूली की मांग की है।
150 मीटर की जगह बनी महज 132 मीटर सड़क
शिकायतकर्ता के अनुसार, पंचायत में स्वीकृत 150 मीटर सड़क निर्माण में से केवल 132 मीटर ही सड़क बनाई गई, जबकि बाकी 18 मीटर की राशि का बंदरबांट कर लिया गया। इसके अलावा सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा भी काफी कम उपयोग की गई है, जिससे सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है और वह जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है।
आंगनवाड़ी व नल-जल योजना में भी धांधली
आरोप है कि पंचायत में बन रहे आंगनवाड़ी केंद्र में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं 'नल-जल योजना' के कार्यों में भी लापरवाही बरती गई; योजना के तहत आपूर्ति शुरू होने के 15 दिन बाद ही व्यवस्था ठप पड़ गई थी, जिसे ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद पुनः चालू किया गया।
जांच और वसूली की मांग
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनियमितताओं का विरोध करने पर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा शिकायत न करने की धौंस दी जाती है। आवेदक ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और गबन की गई शासकीय राशि की वसूली कराने की गुहार लगाई है।
जयसिंहनगर (शहडोल)
जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम पंचायत रिमार में निर्माण व विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, इंजीनियर एवं उनके सहयोगियों की मिलीभगत से शासकीय राशि के गबन और घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए रिमार निवासी केशव अहिरवार ने शहडोल कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर जांच व वसूली की मांग की है।
150 मीटर की जगह बनी महज 132 मीटर सड़क
शिकायतकर्ता के अनुसार, पंचायत में स्वीकृत 150 मीटर सड़क निर्माण में से केवल 132 मीटर ही सड़क बनाई गई, जबकि बाकी 18 मीटर की राशि का बंदरबांट कर लिया गया। इसके अलावा सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा भी काफी कम उपयोग की गई है, जिससे सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है और वह जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है।
आंगनवाड़ी व नल-जल योजना में भी धांधली
आरोप है कि पंचायत में बन रहे आंगनवाड़ी केंद्र में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं 'नल-जल योजना' के कार्यों में भी लापरवाही बरती गई; योजना के तहत आपूर्ति शुरू होने के 15 दिन बाद ही व्यवस्था ठप पड़ गई थी, जिसे ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद पुनः चालू किया गया।
जांच और वसूली की मांग
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनियमितताओं का विरोध करने पर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा शिकायत न करने की धौंस दी जाती है। आवेदक ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और गबन की गई शासकीय राशि की वसूली कराने की गुहार लगाई है।