🔥 TRENDING Harshita Clinches Gold at Asmita Cycli... Delhi Police Register FIR Against Fema... हलबरगा ग्राम पंचायत में ज्योति जितेंद्... ISRO completes final checks for ocean... Congress Demands FIR Against Police Ov... Electric scooter bookings surge 35% in...
14 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Religion

गरबा पंडालों में शालीनता और धार्मिक मर्यादा का पालन हो: आयोजकों से सख्त आचार संहिता की अपील

✍️ Reporter: Gadhiya Sudipbhai 🗓 14 Oct 2026, 05:54 PM 👁 7
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

गरबा केवल मनोरंजन नहीं, माँ आदिशक्ति की आराधना का पर्व है, जिसमें धार्मिक मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है। आयोजकों से पंडालों में सख्त ड्रेस कोड लागू करने की मांग की गई है।

गरबा केवल एक नृत्य या मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि माँ आदिशक्ति की आराधना और सनातन परंपरा का पावन पर्व है। इस पावन अवसर पर शालीनता और धार्मिक मर्यादा का पालन होना अनिवार्य है। जब कोई व्यक्ति धार्मिक मंचों और आयोजनों को आधुनिक चकाचौंध या फूहड़ प्रदर्शन का केंद्र बना देता है, तो इससे आस्था और संस्कृति की मूल भावना को गहरी ठेस पहुँचती है। धार्मिक स्थलों और अनुष्ठानों की एक तय मर्यादा होती है, जिसका सम्मान हर श्रद्धालु को करना चाहिए।

पारंपरिक परिधान जैसे चनिया-चोली या कुर्ती-पायजामा इस उत्सव की सांस्कृतिक पहचान हैं, न कि अंग-प्रदर्शन करने वाले वस्त्र। आयोजकों और समाज की यह स्पष्ट जिम्मेदारी बनती है कि वे गरबा पंडालों में सख्त ड्रेस कोड और आचार संहिता लागू करें। जो लोग सनातन परंपरा और पर्व की पवित्रता का सम्मान नहीं कर सकते, उन्हें ऐसे धार्मिक आयोजनों में प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं मिलनी चाहिए।

उत्सव का उल्लास अपनी जगह है, लेकिन परंपरा और भक्ति की कीमत पर फूहड़ता को बढ़ावा देना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। समय रहते ऐसे आयोजनों में अनुशासन और पवित्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि संस्कृति का उपहास बनने से रोका जा सके।
📲Get App