📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / travelwayoflife
मौसम
बिहार में गंगा का जल स्तर खतरे के स्तर से ऊपर, 33 बचाव दल और 700 नावें तैनात
✍️ The Indian Express
🗓 05 सित. 2026, 08:03 AM
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बिहार में गंगा का जल स्तर खतरे के स्तर से ऊपर पहुँच गया है, जिससे 33 बचाव दल और लगभग 700 नावें तैनात की गई हैं।
बिहार में गंगा का जल स्तर निर्धारित खतरे के स्तर से ऊपर पहुँच गया है, जिससे एक व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई है। राज्य ने 33 विशेष बचाव दलों को सक्रिय कर विभिन्न बाढ़‑प्रवण जिलों में निगरानी और राहत कार्यों का समन्वय करने का आदेश दिया है।
लगभग 700 नावें, मोटर चालित लॉन्च से लेकर पारंपरिक लकड़ी की नावों तक, नदी किनारे तैनात की गई हैं ताकि निवासियों को निकालना, आपूर्ति पहुंचाना और फँसे यात्रियों की मदद करना संभव हो सके। स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं ताकि जीवन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पूर्व‑मानसून पूर्वानुमान दर्शाता है कि जल स्तर कई दिनों तक उच्च बना रह सकता है, इसलिए अधिकारियों ने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा न करने और बचाव कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। निकटवर्ती शहरों में विस्थापित परिवारों के लिये आश्रय, भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करने हेतु राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
राज्य सरकार ने जनता से सहयोग की भी माँग की है, उन्हें आपात स्थितियों की तुरंत सूचना देने और बचाव दलों के साथ सहयोग करने के लिए कहा गया है। स्थिति के विकास के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती की जाएगी।
लगभग 700 नावें, मोटर चालित लॉन्च से लेकर पारंपरिक लकड़ी की नावों तक, नदी किनारे तैनात की गई हैं ताकि निवासियों को निकालना, आपूर्ति पहुंचाना और फँसे यात्रियों की मदद करना संभव हो सके। स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं ताकि जीवन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पूर्व‑मानसून पूर्वानुमान दर्शाता है कि जल स्तर कई दिनों तक उच्च बना रह सकता है, इसलिए अधिकारियों ने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा न करने और बचाव कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। निकटवर्ती शहरों में विस्थापित परिवारों के लिये आश्रय, भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करने हेतु राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
राज्य सरकार ने जनता से सहयोग की भी माँग की है, उन्हें आपात स्थितियों की तुरंत सूचना देने और बचाव दलों के साथ सहयोग करने के लिए कहा गया है। स्थिति के विकास के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती की जाएगी।