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गणेश पूजा में बार बालाओं के नृत्य पर विवाद: 12 लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप
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शेखपुरा के गंगटी गांव में गणेश पूजा के दौरान बार बालाओं के नृत्य कार्यक्रम को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ग्रामीण ने जेडीयू नेता पर 12 लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है।
शेखपुरा जिले के केवटी थाना क्षेत्र के गंगटी गांव में गणेश पूजा के दौरान बार बालाओं के नृत्य कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव निवासी रविंद्र यादव ने एक आवेदन देकर जेडीयू के महादलित प्रकोष्ठ के नेता असरफी मांझी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविंद्र यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को मुकदमे से मुक्त करने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
रविंद्र यादव के अनुसार, गणेश पूजा के दौरान बार बालाओं के नृत्य का आयोजन किया गया था, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। कार्यक्रम के दौरान विवाद उत्पन्न होने के बाद राजनीतिक साजिश के तहत 12 लोगों को नामजद किए जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदनकर्ता का कहना है कि उनके चाचा उमेश यादव समेत कई बुजुर्गों और युवकों को भी इस मामले में बेवजह अभियुक्त बनाया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हर साल गणेश पूजा के दौरान बार बालाओं के नृत्य का आयोजन होता है, जिसमें असरफी मांझी की प्रमुख भूमिका रहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस आयोजन के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति नहीं ली जाती है। ग्रामीणों ने नेता पर दबंगई का आरोप लगाते हुए गांव में भय का माहौल होने की बात कही है। आवेदनकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो भी आवेदन के साथ संलग्न किए जाने की बात कही है।
आवेदनकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा निर्दोष लोगों को मुकदमे से मुक्त करने की मांग की है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
रविंद्र यादव के अनुसार, गणेश पूजा के दौरान बार बालाओं के नृत्य का आयोजन किया गया था, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। कार्यक्रम के दौरान विवाद उत्पन्न होने के बाद राजनीतिक साजिश के तहत 12 लोगों को नामजद किए जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदनकर्ता का कहना है कि उनके चाचा उमेश यादव समेत कई बुजुर्गों और युवकों को भी इस मामले में बेवजह अभियुक्त बनाया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हर साल गणेश पूजा के दौरान बार बालाओं के नृत्य का आयोजन होता है, जिसमें असरफी मांझी की प्रमुख भूमिका रहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस आयोजन के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति नहीं ली जाती है। ग्रामीणों ने नेता पर दबंगई का आरोप लगाते हुए गांव में भय का माहौल होने की बात कही है। आवेदनकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो भी आवेदन के साथ संलग्न किए जाने की बात कही है।
आवेदनकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा निर्दोष लोगों को मुकदमे से मुक्त करने की मांग की है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।