Crime
गल्ला व्यापारी से 14 लाख की लूट का खुलासा, पल्लेदार की मुखबिरी से खाली हुआ था अकाउंट
अलीगढ़ पुलिस ने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज और शराब ठेके के यूपीआई पेमेंट की मदद से गल्ला व्यापारी से हुई 14 लाख रुपये की लूट का खुलासा किया है। इस मामले में व्यापारी के पल्लेदार समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
अलीगढ़ में गल्ला व्यापारी महेश कुमार से करीब 14 लाख रुपये की लूट की गुत्थी पेट्रोल पंप के सीसीटीवी और शराब ठेके पर हुए यूपीआई पेमेंट से सुलझाई गई है। पुलिस के अनुसार, व्यापारी के पल्लेदार अंसार ने पेट्रोल पंप पर खड़े होकर महेश के निकलने का इशारा किया, जिसके बाद पांच बदमाशों ने रास्ते में उन्हें लूट लिया। इस वारदात की साजिश में कुल छह लोग शामिल थे।
पुलिस ने मुखबिर पल्लेदार अंसार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 2.35 लाख रुपये, चांदी के जेवर, दो बाइक और एक तमंचा-कारतूस बरामद किए गए हैं। हालांकि, वारदात को अंजाम देने वाले तीन अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यह लूट 10 अक्टूबर को बांईकलां और बांईखुर्द के बीच हुई थी। शुक्रवार को एसएसपी नीरज जादौन और एसपी ग्रामीण मनीष कुमार मिश्र ने छर्रा थाने में एक प्रेसवार्ता कर इस मामले का विस्तृत खुलासा किया।
एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि अंसार पिछले ढाई साल से महेश कुमार के यहां पल्लेदारी का काम कर रहा था। उसे व्यापारी के रुपये लेकर मंडी से गांव जाने की पूरी जानकारी थी। धान के सीजन के कारण उस दिन भी महेश के पास बड़ी रकम होने का अनुमान था, इसी जानकारी का फायदा उठाकर वारदात की योजना बनाई गई थी।
पुलिस ने मुखबिर पल्लेदार अंसार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 2.35 लाख रुपये, चांदी के जेवर, दो बाइक और एक तमंचा-कारतूस बरामद किए गए हैं। हालांकि, वारदात को अंजाम देने वाले तीन अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यह लूट 10 अक्टूबर को बांईकलां और बांईखुर्द के बीच हुई थी। शुक्रवार को एसएसपी नीरज जादौन और एसपी ग्रामीण मनीष कुमार मिश्र ने छर्रा थाने में एक प्रेसवार्ता कर इस मामले का विस्तृत खुलासा किया।
एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि अंसार पिछले ढाई साल से महेश कुमार के यहां पल्लेदारी का काम कर रहा था। उसे व्यापारी के रुपये लेकर मंडी से गांव जाने की पूरी जानकारी थी। धान के सीजन के कारण उस दिन भी महेश के पास बड़ी रकम होने का अनुमान था, इसी जानकारी का फायदा उठाकर वारदात की योजना बनाई गई थी।