बिज़नेस
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2028 को लेकर ग्वालियर में टॉय क्लस्टर की संभावनाओं को तलाशने पहुँचा 50 उद्योगों का प्रतिनिधिमंडल
टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय अग्रवाल के नेतृत्व में 50 उद्योगों का प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर पहुँचा। प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों का भ्रमण किया और भूमि उपलब्धता, सब्सिडी व निवेश की संभावनाओं पर एमपीआईडीसी के साथ चर्चा की।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2028 के तहत ग्वालियर क्षेत्र में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने और टॉय क्लस्टर स्थापित करने की संभावनाएँ तलाशने के लिए टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल के नेतृत्व में 50 उद्योगों का प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के अधिकारियों के साथ बैठक कर औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि, औद्योगिक नीतियों, सब्सिडी और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा, प्रतिनिधियों ने मावई-मुरैना, मोहना-ग्वालियर और गुरावल-शिवपुरी औद्योगिक क्षेत्रों का भ्रमण कर वहाँ उपलब्ध भूमि एवं सुविधाओं का जायजा लिया।
यह भ्रमण एमपीआईडीसी की कार्यकारी संचालक सुश्री अनिशा श्रीवास्तव (आईएएस) की पहल पर आयोजित किया गया, जिन्होंने 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली प्रवास के दौरान टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों के साथ बैठक में सदस्यों को ग्वालियर आने के लिए आमंत्रित किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री विपिन निझावन, महासचिव श्री शरद कपूर और गवर्निंग बॉडी के सदस्य श्री आशीष अग्रवाल सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल थे। प्लास्टिक, सॉफ्ट और इलेक्ट्रिक खिलौने बनाने वाली प्रमुख कंपनियों जैसे डैश फनराइड, अंकित टॉयज़ एंड गेम्स, लिटिल जीनियस, केस्पा टॉयज़ एंड स्पोर्ट्स प्रा. लि., नटखट और डिम्पी स्टफ के प्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
होटल रेडिसन में आयोजित बैठक में कार्यकारी संचालक सुश्री अनिशा श्रीवास्तव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मावई (जिला मुरैना), मोहना (जिला ग्वालियर), गुरावल (जिला शिवपुरी) के औद्योगिक क्षेत्रों और बिलौआ (जिला ग्वालियर) स्थित प्लास्टिक पार्क की जानकारी दी। उन्होंने उपलब्ध भूमि, भूमि की दरों और विकास शुल्क से संबंधित विवरण साझा किए। साथ ही, उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की औद्योगिक नीतियों, विशेष रूप से खिलौना उद्योग से संबंधित नीति, उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्थाओं और सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश शासन उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है और ग्वालियर क्षेत्र में उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को एमपीआईडीसी की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में ग्वालियर में टॉय क्लस्टर स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें क्लस्टर के लिए उपयुक्त भूमि, खिलौना निर्माण इकाइयों की स्थापना और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। टॉय क्लस्टर स्थापित होने से क्षेत्र में खिलौना उद्योग को संगठित रूप से विकसित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया और अंत में आयोजित बैठक में भूमि आवंटन और सब्सिडी से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए। कार्यकारी संचालक ने कुछ प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, जिससे ग्वालियर क्षेत्र में खिलौना उद्योग के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
यह भ्रमण एमपीआईडीसी की कार्यकारी संचालक सुश्री अनिशा श्रीवास्तव (आईएएस) की पहल पर आयोजित किया गया, जिन्होंने 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली प्रवास के दौरान टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों के साथ बैठक में सदस्यों को ग्वालियर आने के लिए आमंत्रित किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री विपिन निझावन, महासचिव श्री शरद कपूर और गवर्निंग बॉडी के सदस्य श्री आशीष अग्रवाल सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल थे। प्लास्टिक, सॉफ्ट और इलेक्ट्रिक खिलौने बनाने वाली प्रमुख कंपनियों जैसे डैश फनराइड, अंकित टॉयज़ एंड गेम्स, लिटिल जीनियस, केस्पा टॉयज़ एंड स्पोर्ट्स प्रा. लि., नटखट और डिम्पी स्टफ के प्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
होटल रेडिसन में आयोजित बैठक में कार्यकारी संचालक सुश्री अनिशा श्रीवास्तव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मावई (जिला मुरैना), मोहना (जिला ग्वालियर), गुरावल (जिला शिवपुरी) के औद्योगिक क्षेत्रों और बिलौआ (जिला ग्वालियर) स्थित प्लास्टिक पार्क की जानकारी दी। उन्होंने उपलब्ध भूमि, भूमि की दरों और विकास शुल्क से संबंधित विवरण साझा किए। साथ ही, उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की औद्योगिक नीतियों, विशेष रूप से खिलौना उद्योग से संबंधित नीति, उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्थाओं और सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश शासन उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है और ग्वालियर क्षेत्र में उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को एमपीआईडीसी की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में ग्वालियर में टॉय क्लस्टर स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें क्लस्टर के लिए उपयुक्त भूमि, खिलौना निर्माण इकाइयों की स्थापना और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। टॉय क्लस्टर स्थापित होने से क्षेत्र में खिलौना उद्योग को संगठित रूप से विकसित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया और अंत में आयोजित बैठक में भूमि आवंटन और सब्सिडी से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए। कार्यकारी संचालक ने कुछ प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, जिससे ग्वालियर क्षेत्र में खिलौना उद्योग के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।