शिक्षा
गंगापुर सिटी में एबीवीपी ने 'अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ' हल्लाबोल आंदोलन किया
एबीवीपी गंगापुर सिटी इकाई ने राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर दिल्ली के जंतर‑मंतर जैसी अराजकता के विरोध में हल्लाबोल आंदोलन किया।
एबीवीपी गंगापुर सिटी इकाई ने राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर "अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ" नारे के साथ एक जोरदार हल्लाबोल आंदोलन किया, जो दिल्ली के जंतर‑मंतर में हुए प्रदर्शनों के समान अराजकता के विरोध में आयोजित किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व जिला संयोजक अभिषेक सोनवाल ने किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुछ आंदोलनों ने देश का माहौल खराब करने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया है, यह निंदनीय है। विद्यार्थी परिषद हमेशा राष्ट्रहित और सकारात्मक छात्र राजनीति की पक्षधर रही है, इसलिए किसी भी स्तर पर अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला छात्रा प्रमुख पायल प्रजापत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, पर उसकी एक गरिमा होनी चाहिए। नगर मंत्री तरुण मीना और इकाई उपाध्यक्ष अभिषेक मीना ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को जागरूक होकर ऐसी शक्तियों का विरोध करना चाहिए जो लोकतंत्र की आड़ में अव्यवस्था फैलाती हैं।
प्रांत कार्यकारणी सदस्य मनोज सैनी, तनिष्का सैन, विष्णु गुर्जर, हरिओम गुर्जर, शालू टेलर सहित महाविद्यालय के अनेक छात्र‑छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने "अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ" के नारे लगाकर शांति और सकारात्मक बदलाव की अपील की।
आंदोलन का नेतृत्व जिला संयोजक अभिषेक सोनवाल ने किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुछ आंदोलनों ने देश का माहौल खराब करने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया है, यह निंदनीय है। विद्यार्थी परिषद हमेशा राष्ट्रहित और सकारात्मक छात्र राजनीति की पक्षधर रही है, इसलिए किसी भी स्तर पर अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला छात्रा प्रमुख पायल प्रजापत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, पर उसकी एक गरिमा होनी चाहिए। नगर मंत्री तरुण मीना और इकाई उपाध्यक्ष अभिषेक मीना ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को जागरूक होकर ऐसी शक्तियों का विरोध करना चाहिए जो लोकतंत्र की आड़ में अव्यवस्था फैलाती हैं।
प्रांत कार्यकारणी सदस्य मनोज सैनी, तनिष्का सैन, विष्णु गुर्जर, हरिओम गुर्जर, शालू टेलर सहित महाविद्यालय के अनेक छात्र‑छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने "अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ" के नारे लगाकर शांति और सकारात्मक बदलाव की अपील की।