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28 सित. 2026•
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नए प्रत्यक्ष नियुक्तियों में प्रोमोशनल इन्क्रीमेंट व पूर्व‑सेवा लाभ नहीं, जब तक कानून न कहे
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The Madras Year Book 1924, L.D.Swamikannu
नौकरी

नए प्रत्यक्ष नियुक्तियों में प्रोमोशनल इन्क्रीमेंट व पूर्व‑सेवा लाभ नहीं, जब तक कानून न कहे

✍️ Live Law 🗓 18 सित. 2026, 10:31 PM 👁 62
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एक हालिया कानूनी स्पष्टीकरण के अनुसार, नई प्रत्यक्ष नियुक्ति में प्रोमोशनल इन्क्रीमेंट या पूर्व‑सेवा लाभ नहीं मिलते जब तक कि कानून में स्पष्ट रूप से उनका प्रावधान न हो।

Live Law द्वारा प्रकाशित एक कानूनी बुलेटिन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र में नई प्रत्यक्ष नियुक्ति में प्रोमोशनल इन्क्रीमेंट या पूर्व‑सेवा लाभ स्वचालित रूप से नहीं मिलते, जब तक कोई कानून विशेष रूप से उनका प्रावधान न करे। यह टिप्पणी हालिया न्यायिक व्याख्या पर आधारित है, जो नई नियुक्ति को पदोन्नति या पूर्व सेवा की निरंतरता से अलग करती है।

इस निर्णय के अनुसार, सरकारी विभाग और अन्य वैधानिक संस्थाएँ इन वित्तीय लाभों को विवेकाधीन रूप से नहीं दे सकतीं। केवल स्पष्ट वैधानिक प्रावधान मौजूद होने पर ही नई नियुक्ति वाले अधिकारी को इन्क्रीमेंट या पूर्व‑सेवा का क्रेडिट दिया जा सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैधानिक निष्ठा के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है, जिससे वेतन संरचना विधायी इरादे पर आधारित रहेगी, न कि प्रशासनिक सुविधा पर। भविष्य में भर्ती प्रक्रियाएँ इस स्पष्टित वेतन ढाँचे को प्रतिबिंबित करेंगी।

यदि कोई कर्मचारी मौजूदा कानूनों के तहत पूर्व‑सेवा लाभ का हकदार मानता है, तो वह उचित कानूनी मार्गों से राहत की मांग कर सकता है, लेकिन स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के अभाव में ये लाभ नहीं दिए जाएंगे।
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