📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President of India's secretariat
राजनीति
चार नए राज्यपाल नियुक्त, भाजपा की चुनाव‑रणनीति का संकेत
✍️ The Times of India
🗓 13 अक्टू. 2026, 03:36 AM
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केन्द्र सरकार ने चार नए राज्यपालों की नियुक्ति की, जिसे विशेषज्ञों ने भाजपा की आगामी चुनावों की तैयारी के रूप में पढ़ा।
भारत के राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की सलाह पर चार विभिन्न राज्यों के लिए चार नए राज्यपालों की नियुक्ति की घोषणा की। इनका कार्यकाल तुरंत शुरू हो रहा है और वे उन पूर्व राज्यपालों को बदल रहे हैं जिनकी कार्यावधि समाप्त होने वाली थी।
यह बदलाव भाजपा के कई राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच आया है, जो अगले वर्ष में आयोजित होने वाले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भरोसेमंद पार्टी सहयोगियों को संवैधानिक पदों पर स्थापित करके चुनावी माहौल को प्रभावित करने की रणनीति है।
नए नियुक्त राज्यपाल वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता और पूर्व प्रशासक हैं, जिनके पास व्यापक प्रशासनिक अनुभव है। उन्हें अपने‑अपने राज्य की कार्यकारी मशीनरी की देखरेख और केंद्र सरकार के साथ समन्वय की भूमिका निभाने की उम्मीद है।
विपक्षी दलों ने इस कदम की आलोचना की है, यह कहकर कि यह चुनावी मैदान को झुका देने के इरादे से किया गया है। सरकार ने कहा कि चयन योग्यता और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर किया गया है।
इन नियुक्तियों से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा राज्यपाल पदों को अपने सहयोगियों को पुरस्कृत करने और 2024‑25 के चुनावी दौर में राजनीतिक समीकरणों को नियंत्रित करने के साधन के रूप में उपयोग कर रही है।
यह बदलाव भाजपा के कई राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच आया है, जो अगले वर्ष में आयोजित होने वाले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भरोसेमंद पार्टी सहयोगियों को संवैधानिक पदों पर स्थापित करके चुनावी माहौल को प्रभावित करने की रणनीति है।
नए नियुक्त राज्यपाल वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता और पूर्व प्रशासक हैं, जिनके पास व्यापक प्रशासनिक अनुभव है। उन्हें अपने‑अपने राज्य की कार्यकारी मशीनरी की देखरेख और केंद्र सरकार के साथ समन्वय की भूमिका निभाने की उम्मीद है।
विपक्षी दलों ने इस कदम की आलोचना की है, यह कहकर कि यह चुनावी मैदान को झुका देने के इरादे से किया गया है। सरकार ने कहा कि चयन योग्यता और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर किया गया है।
इन नियुक्तियों से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा राज्यपाल पदों को अपने सहयोगियों को पुरस्कृत करने और 2024‑25 के चुनावी दौर में राजनीतिक समीकरणों को नियंत्रित करने के साधन के रूप में उपयोग कर रही है।