📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fall River Daily Evening News, 04 October 1890, pa
शिक्षा
इंदौर के डेली कॉलेज में RSS कार्यक्रम पर दिग्विजय सिंह ने जताई आपत्ति
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 अक्टू. 2026, 08:15 PM
👁 19
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंदौर के डेली कॉलेज में RSS के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई, जिससे स्थानीय स्तर पर विवाद उत्पन्न हुआ।
इंदौर के डेली कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम की योजना को लेकर कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठे हैं। इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई, जिसमें सबसे प्रमुख रूप से कॉलेज के पूर्व छात्र और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आवाज़ उठाई।
सिंह ने मीडिया से कहा कि कॉलेज को किसी राजनीतिक संगठन को अनुमति देना उचित नहीं है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थानों को निरपेक्ष और पक्षपात‑रहित बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से इस अनुमति को पुनः विचार करने और शैक्षणिक माहौल की स्वतंत्रता को बनाए रखने की अपील की।
वहीं कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि RSS कार्यक्रम को कैंपस की मौजूदा नीतियों के अनुसार मंजूरी दी गई है और इस पर कोई बाहरी दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज किसी भी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं करता, बल्कि केवल प्रक्रिया के अनुसार स्थल उपलब्ध कराता है।
इस विवाद ने इंदौर में शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक संगठनों की भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। छात्र संघ और कुछ शिक्षक इस बात पर विभाजित हैं—कुछ सभा के अधिकार का समर्थन करते हैं, जबकि अन्य सिंह की चिंताओं को साझा करते हुए शैक्षणिक निष्पक्षता की रक्षा की मांग करते हैं।
अभी तक इस कार्यक्रम के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, और यह मुद्दा मध्य प्रदेश में नीति निर्माताओं, शिक्षकों और आम जनता के बीच चर्चा का प्रमुख बिंदु बना हुआ है।
सिंह ने मीडिया से कहा कि कॉलेज को किसी राजनीतिक संगठन को अनुमति देना उचित नहीं है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थानों को निरपेक्ष और पक्षपात‑रहित बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से इस अनुमति को पुनः विचार करने और शैक्षणिक माहौल की स्वतंत्रता को बनाए रखने की अपील की।
वहीं कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि RSS कार्यक्रम को कैंपस की मौजूदा नीतियों के अनुसार मंजूरी दी गई है और इस पर कोई बाहरी दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज किसी भी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं करता, बल्कि केवल प्रक्रिया के अनुसार स्थल उपलब्ध कराता है।
इस विवाद ने इंदौर में शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक संगठनों की भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। छात्र संघ और कुछ शिक्षक इस बात पर विभाजित हैं—कुछ सभा के अधिकार का समर्थन करते हैं, जबकि अन्य सिंह की चिंताओं को साझा करते हुए शैक्षणिक निष्पक्षता की रक्षा की मांग करते हैं।
अभी तक इस कार्यक्रम के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, और यह मुद्दा मध्य प्रदेश में नीति निर्माताओं, शिक्षकों और आम जनता के बीच चर्चा का प्रमुख बिंदु बना हुआ है।