📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
शिक्षा
मध्य प्रदेश के पूर्व स्कूल प्राचार्य का धूम्रपान करते हुए वीडियो वायरल, नशा मुक्ति अभियान के बीच
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 09 सित. 2026, 09:39 AM
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एक वीडियो में पूर्व स्कूल प्राचार्य को क्लासरूम में बीड़ी पीते हुए दिखाया गया, जो नशा मुक्ति अभियान के दौरान वायरल हो गया और जनआक्रोश का कारण बना। प्राचार्य पर पहले अतिथि शिक्षक भर्ती और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप भी लगे थे।
एक संक्षिप्त वीडियो में मध्य प्रदेश के एक स्कूल के पूर्व प्राचार्य को क्लासरूम में बीड़ी जलाते और पीते हुए दिखाया गया है। यह फुटेज राज्य सरकार के स्कूलों में चल रहे नशा मुक्ति अभियान के दौरान सामने आया, जिससे जनआक्रोश बढ़ गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिससे अभिभावकों, शिक्षकों और अधिकारियों ने इस कृत्य की निंदा की और कहा कि यह स्कूलों में चल रहे नशा‑मुक्ति संदेश के विपरीत है। ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने इस घटना की पूरी जांच की माँग की।
पूर्व प्राचार्य पहले भी विवादों में रहे हैं; अतिथि शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप उन पर लगे थे। इन पिछले आरोपों ने भी इस धूम्रपान वीडियो के बाद फिर से चर्चा को जन्म दिया और शिक्षा विभाग को औपचारिक जांच करने का दबाव बढ़ा।
राज्य शिक्षा विभाग ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पर यह घटना स्कूल अनुशासन नियमों और नशा‑मुक्ति नीतियों के तहत जांचे जाने की संभावना है। यह मामला शैक्षिक संस्थानों में अनुशासन लागू करने की चुनौतियों को उजागर करता है।
जहाँ यह घटना घटी, उस स्कूल ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, और प्राचार्य की वर्तमान स्थिति अस्पष्ट है, जबकि अधिकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिससे अभिभावकों, शिक्षकों और अधिकारियों ने इस कृत्य की निंदा की और कहा कि यह स्कूलों में चल रहे नशा‑मुक्ति संदेश के विपरीत है। ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने इस घटना की पूरी जांच की माँग की।
पूर्व प्राचार्य पहले भी विवादों में रहे हैं; अतिथि शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप उन पर लगे थे। इन पिछले आरोपों ने भी इस धूम्रपान वीडियो के बाद फिर से चर्चा को जन्म दिया और शिक्षा विभाग को औपचारिक जांच करने का दबाव बढ़ा।
राज्य शिक्षा विभाग ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पर यह घटना स्कूल अनुशासन नियमों और नशा‑मुक्ति नीतियों के तहत जांचे जाने की संभावना है। यह मामला शैक्षिक संस्थानों में अनुशासन लागू करने की चुनौतियों को उजागर करता है।
जहाँ यह घटना घटी, उस स्कूल ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, और प्राचार्य की वर्तमान स्थिति अस्पष्ट है, जबकि अधिकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।