📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
अपराध
पूर्व कैदी श्वेता जैन ने इंदौर‑उज्जैन के व्यापारियों को हनीट्रैप में फँसाने की साजिश रची
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 सित. 2026, 09:18 AM
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पुलिस ने बताया कि हनीट्रैप मामले में जेल सजा काटी श्वेता जैन ने इंदौर‑उज्जैन के प्रमुख व्यापारियों को फँसाने के लिए नया गिरोह तैयार किया है।
मध्य प्रदेश पुलिस ने इंदौर‑उज्जैन क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तियों को हनीट्रैप के माध्यम से फँसाने वाले एक गिरोह की पहचान की है। कई शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच में पता चला कि यह समूह मुलाकातें तय करता, उपहार देता और व्यक्तिगत संबंधों का उपयोग करके धन व सुविधाएँ हासिल करता था।
पुलिस ने इस गिरोह के सरगना के रूप में श्वेता जैन को पहचाना है, जो पहले भी हनीट्रैप मामले में जेल सजा काट चुकी थी। रिहा होने के बाद उसने महिलाओं को जोड़कर एक संगठित गिरोह फिर से स्थापित किया, जिसका लक्ष्य इंदौर‑उज्जैन के धनी व्यापारियों, विशेषकर एक शराब कारोबारी, को फँसाना था।
जांच के अनुसार, गिरोह का तरीका था पीड़ितों के साथ दोस्ती बनाकर उनका भरोसा जीतना और फिर व्यक्तिगत या व्यापारिक संबंधों के बहाने धन की मांग करना। कई व्यापारिक वर्ग में प्रभावशाली व्यक्तियों को इस धोखे का पता तब चला जब पुलिस ने एक जाल बिछाया।
पुलिस ने इस समूह के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया है और धोखाधड़ी के दायरे की आगे जांच जारी है। यह मामला क्षेत्र में बढ़ती जटिल विश्वास‑घात स्कैम की चेतावनी देता है और व्यापारिक वर्ग में सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
पुलिस ने इस गिरोह के सरगना के रूप में श्वेता जैन को पहचाना है, जो पहले भी हनीट्रैप मामले में जेल सजा काट चुकी थी। रिहा होने के बाद उसने महिलाओं को जोड़कर एक संगठित गिरोह फिर से स्थापित किया, जिसका लक्ष्य इंदौर‑उज्जैन के धनी व्यापारियों, विशेषकर एक शराब कारोबारी, को फँसाना था।
जांच के अनुसार, गिरोह का तरीका था पीड़ितों के साथ दोस्ती बनाकर उनका भरोसा जीतना और फिर व्यक्तिगत या व्यापारिक संबंधों के बहाने धन की मांग करना। कई व्यापारिक वर्ग में प्रभावशाली व्यक्तियों को इस धोखे का पता तब चला जब पुलिस ने एक जाल बिछाया।
पुलिस ने इस समूह के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया है और धोखाधड़ी के दायरे की आगे जांच जारी है। यह मामला क्षेत्र में बढ़ती जटिल विश्वास‑घात स्कैम की चेतावनी देता है और व्यापारिक वर्ग में सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।