📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Santosh Kumar Shukla
राजनीति
उज्जैन से शुरू हुई दिग्विजय सिंह की 950 किमी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 15 अक्टू. 2026, 03:16 PM
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पूर्व मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 20 अक्टूबर को उज्जैन से 950 किमी की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की, जिसमें वे वोट और चंदा चोरी के मुद्दों पर पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग करेंगे। उनकी पत्नी भी इस पैदल यात्रा में साथ रहेंगी।
20 अक्टूबर को पूर्व मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की। लगभग 950 किलोमीटर की इस पैदल यात्रा का उद्देश्य वोट चोरी और चंदा‑चढ़ावा के दुरुपयोग को लेकर पारदर्शिता व जवाबदेही की माँग करना है।
सिंह अपने साथ अपनी पत्नी को लेकर महाकाल के क्षेत्र से राम जन्मभूमि तक का मार्ग तय करेंगे। इस यात्रा में मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश तक पहुँचने की योजना है, जिससे वह रास्ते‑राह में स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर सकें।
यह यात्रा उन समय में आरम्भ हुई है, जब देश भर में विपक्षी दल आगामी चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रियाओं की जाँच‑परख को तेज कर रहे हैं। सिंह ने अभी तक यात्रा के समाप्ति की तिथि नहीं बताई, पर उन्होंने कहा है कि जब तक पारदर्शी चुनावी और वित्तीय नियमों की माँग पूरी नहीं होती, यात्रा जारी रहेगी।
आयोजकों ने यात्रा को शांति‑पूर्ण रखने का आश्वासन दिया है और कहा है कि यह जनजागृति का साधन है, न कि किसी प्रकार का उकसाव। उज्जैन के स्थानीय प्रशासन को इस कार्यक्रम की सूचना दी गई है और प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए सहयोग का वादा किया गया है।
सिंह अपने साथ अपनी पत्नी को लेकर महाकाल के क्षेत्र से राम जन्मभूमि तक का मार्ग तय करेंगे। इस यात्रा में मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश तक पहुँचने की योजना है, जिससे वह रास्ते‑राह में स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर सकें।
यह यात्रा उन समय में आरम्भ हुई है, जब देश भर में विपक्षी दल आगामी चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रियाओं की जाँच‑परख को तेज कर रहे हैं। सिंह ने अभी तक यात्रा के समाप्ति की तिथि नहीं बताई, पर उन्होंने कहा है कि जब तक पारदर्शी चुनावी और वित्तीय नियमों की माँग पूरी नहीं होती, यात्रा जारी रहेगी।
आयोजकों ने यात्रा को शांति‑पूर्ण रखने का आश्वासन दिया है और कहा है कि यह जनजागृति का साधन है, न कि किसी प्रकार का उकसाव। उज्जैन के स्थानीय प्रशासन को इस कार्यक्रम की सूचना दी गई है और प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए सहयोग का वादा किया गया है।