📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArmouredCyborg
अपराध
सत्य निकेतन इमारत में अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने के आरोप में FIR दर्ज
✍️ prameyanews.com
🗓 09 सित. 2026, 11:03 AM
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पुलिस FIR में कहा गया है कि सत्य निकेतन इमारत के मालिकों ने संरचना की भार सीमा जानने के बावजूद अतिरिक्त मंजिलें जोड़ दीं, जिससे इमारत ढह गई।
सत्य निकेतन नामक बहु‑मंजिला आवासीय इमारत का कुछ हिस्सा इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में ढह गया, जिससे फायर और रेस्क्यू टीमों को आपातकालीन कार्रवाई करनी पड़ी। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, ढहाव इमारत के ऊपरी हिस्सों में हुआ, जहाँ कई परिवार उस समय निवास कर रहे थे।
स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किए गए प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में बताया गया है कि इमारत के मालिकों ने मूल डिजाइन में निर्धारित भार सीमा को जानते हुए भी अतिरिक्त मंजिलें जोड़ दीं। FIR में कहा गया है कि उन्होंने इंजीनियरिंग सलाह को नजरअंदाज कर अवैध निर्माण कार्य किया, जिससे इमारत की स्थिरता प्रभावित हुई।
जांचकर्ता साइट को सील कर चुके हैं और ढहाव के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत संरचनात्मक ऑडिट कर रहे हैं। पुलिस ने मालिकों और अनुबंधकर्ता के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया है। पीड़ितों को चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय प्रदान किया जा रहा है, जबकि जांच जारी है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे उल्लंघन पर भारतीय दंड संहिता और निर्माण कार्य श्रमिक (नियमन एवं सेवा शर्तें) अधिनियम के तहत कड़ी सजा दी जा सकती है। इस घटना ने देश भर में भवन नियमों के कड़े पालन की मांग को फिर से उजागर किया है।
स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किए गए प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में बताया गया है कि इमारत के मालिकों ने मूल डिजाइन में निर्धारित भार सीमा को जानते हुए भी अतिरिक्त मंजिलें जोड़ दीं। FIR में कहा गया है कि उन्होंने इंजीनियरिंग सलाह को नजरअंदाज कर अवैध निर्माण कार्य किया, जिससे इमारत की स्थिरता प्रभावित हुई।
जांचकर्ता साइट को सील कर चुके हैं और ढहाव के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत संरचनात्मक ऑडिट कर रहे हैं। पुलिस ने मालिकों और अनुबंधकर्ता के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया है। पीड़ितों को चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय प्रदान किया जा रहा है, जबकि जांच जारी है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे उल्लंघन पर भारतीय दंड संहिता और निर्माण कार्य श्रमिक (नियमन एवं सेवा शर्तें) अधिनियम के तहत कड़ी सजा दी जा सकती है। इस घटना ने देश भर में भवन नियमों के कड़े पालन की मांग को फिर से उजागर किया है।