📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yusek
कृषि
किसान चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाएगा, कर्ज माफी की मांग
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 01 सित. 2026, 09:32 AM
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) आज से चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाएगा, सात सितंबर तक चलेगा, पानी और कर्ज माफी की मांग करेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने आज से चंडीगढ़‑मोहाली बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा की है, जिसे सात सितंबर तक चलने का कार्यक्रम है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य क्षेत्र में पानी की आपूर्ति और किसानों के लिए व्यापक कर्ज‑माफी पैकेज की माँग करना है।
किसान बॉर्डर पर एक बाधा लगाकर और अपने माँगों को दर्शाने वाले बैनर लटका कर जुटे हैं। एसकेएम के प्रवक्ताओं ने राज्य अधिकारियों के साथ संवाद की अपील की है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि उनकी माँगें पूरी न होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
यह प्रदर्शन पानी की कमी और छोटे व सीमांत किसानों पर बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। एसकेएम ने पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से मौजूदा कृषि सहायता योजनाओं के कार्यान्वयन को तेज करने का आग्रह किया है।
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शन को स्वीकार किया है और किसानों के प्रतिनिधियों के साथ संभावित समाधानों पर चर्चा करने का वादा किया है। हालांकि, कर्ज‑माफी के अनुरोध को संबोधित करने के लिए अभी तक कोई ठोस समयरेखा तय नहीं की गई है।
यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण मीडिया ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद है, और एसकेएम ने अन्य किसान समूहों को भी समान शिकायतों वाले लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया है।
किसान बॉर्डर पर एक बाधा लगाकर और अपने माँगों को दर्शाने वाले बैनर लटका कर जुटे हैं। एसकेएम के प्रवक्ताओं ने राज्य अधिकारियों के साथ संवाद की अपील की है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि उनकी माँगें पूरी न होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
यह प्रदर्शन पानी की कमी और छोटे व सीमांत किसानों पर बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। एसकेएम ने पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से मौजूदा कृषि सहायता योजनाओं के कार्यान्वयन को तेज करने का आग्रह किया है।
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शन को स्वीकार किया है और किसानों के प्रतिनिधियों के साथ संभावित समाधानों पर चर्चा करने का वादा किया है। हालांकि, कर्ज‑माफी के अनुरोध को संबोधित करने के लिए अभी तक कोई ठोस समयरेखा तय नहीं की गई है।
यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण मीडिया ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद है, और एसकेएम ने अन्य किसान समूहों को भी समान शिकायतों वाले लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया है।