📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ThakurSaabji
अपराध
कॉटली खैहरा में जमीन विवाद में ट्रैक्टर से किसान हरपाल सिंह की हत्या
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 02 नव. 2026, 07:46 AM
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कॉटली खैहरा गांव, राजासांसी (अमृतसर) में जमीन विवाद के दौरान किसान हरपाल सिंह को ट्रैक्टर और सुपरसीडर से कुचलकर मार दिया गया। यह घटना कुछ घंटे पहले थाने में हुए समझौते के बाद घटी।
अमृतसर जिले के राजासांसी तहसील के गांव कोटली खैहरा में जमीन विवाद के दौरान किसान हरपाल सिंह को ट्रैक्टर और सुपरसीडर से कुचलकर मार दिया गया। यह विवाद दो पक्षों के बीच एक ही कृषि भूमि के अधिकार को लेकर चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, उसी दिन कुछ घंटे पहले दोनों पक्षों ने स्थानीय थाने में मिलकर अस्थायी समझौता किया था, जिससे सिंह को खेत जोतने की अनुमति मिली। लेकिन समझौते के बाद, कुछ लोगों ने ट्रैक्टर और उसके साथ सुपरसीडर लेकर आए और सिंह को रोकने की कोशिश की।
गवाहों ने बताया कि ट्रैक्टर ने तेज गति से आगे बढ़ते हुए सिंह को टक्कर मार दी, जिससे गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही दम तोड़ गया। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया है और अवैध सभा एवं हत्या के तहत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी देने का आग्रह किया है और आरोपी की पहचान करने के लिए सर्वेक्षण जारी रखा है। यह घटना पंजाब के कृषि क्षेत्रों में जमीन के विवादों के बढ़ते तनाव को उजागर करती है, जहाँ अक्सर मध्यस्थता के बावजूद हिंसा भड़क उठती है।
जांच अभी चल रही है और अभी तक ट्रैक्टर और सुपरसीडर चलाने वाले व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, उसी दिन कुछ घंटे पहले दोनों पक्षों ने स्थानीय थाने में मिलकर अस्थायी समझौता किया था, जिससे सिंह को खेत जोतने की अनुमति मिली। लेकिन समझौते के बाद, कुछ लोगों ने ट्रैक्टर और उसके साथ सुपरसीडर लेकर आए और सिंह को रोकने की कोशिश की।
गवाहों ने बताया कि ट्रैक्टर ने तेज गति से आगे बढ़ते हुए सिंह को टक्कर मार दी, जिससे गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही दम तोड़ गया। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया है और अवैध सभा एवं हत्या के तहत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी देने का आग्रह किया है और आरोपी की पहचान करने के लिए सर्वेक्षण जारी रखा है। यह घटना पंजाब के कृषि क्षेत्रों में जमीन के विवादों के बढ़ते तनाव को उजागर करती है, जहाँ अक्सर मध्यस्थता के बावजूद हिंसा भड़क उठती है।
जांच अभी चल रही है और अभी तक ट्रैक्टर और सुपरसीडर चलाने वाले व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।