कृषि
फर्रुखाबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर 55,000 बीघा भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान आंदोलन
सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर फर्रुखाबाद में किसानों ने औद्योगिक गलियारे के तहत 55 हजार बीघा उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण का विरोध किया और 29 नवंबर को फिर से आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर फर्रुखाबाद के शमशाबाद ब्लॉक के ग्राम अमलैया आशानंद में किसानों ने भूमि बचाओ आंदोलन के तहत बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। लगभग 55 हजार बीघा उपजाऊ भूमि को औद्योगिक गलियारे के नाम पर अधिग्रहित करने के प्रस्ताव का विरोध किया गया।
आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने आयोजित सम्मेलन में कहा कि उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किसानों की आजीविका को सीधे प्रभावित करेगा। उन्होंने भूमि अधिग्रहण कानून‑2013 के प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा, सहमति और पुनर्वास का अधिकार माँगा और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आश्वासन दिया।
प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार, जिलाध्यक्ष हर्ष गंगवार, जिला प्रभारी बीके गंगवार और जिला प्रवक्ता देवेश चतुर्वेदी ने भी किसानों की एकजुटता पर बल दिया और प्रस्ताव वापस होने तक विरोध जारी रखने का समर्थन किया। सम्मेलन में कई किसान एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।
सम्मेलन के बाद किसानों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और घोषणा की कि 29 नवंबर को फिर से एकत्रित होकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने “जमीन हमारी, भाव सरकारी—नहीं चलेगा, नहीं चलेगा!” का नारा लगाया।
आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने आयोजित सम्मेलन में कहा कि उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किसानों की आजीविका को सीधे प्रभावित करेगा। उन्होंने भूमि अधिग्रहण कानून‑2013 के प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा, सहमति और पुनर्वास का अधिकार माँगा और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आश्वासन दिया।
प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार, जिलाध्यक्ष हर्ष गंगवार, जिला प्रभारी बीके गंगवार और जिला प्रवक्ता देवेश चतुर्वेदी ने भी किसानों की एकजुटता पर बल दिया और प्रस्ताव वापस होने तक विरोध जारी रखने का समर्थन किया। सम्मेलन में कई किसान एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।
सम्मेलन के बाद किसानों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और घोषणा की कि 29 नवंबर को फिर से एकत्रित होकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने “जमीन हमारी, भाव सरकारी—नहीं चलेगा, नहीं चलेगा!” का नारा लगाया।