अपराध
फर्रुखाबाद कोर्ट में फर्जी वकीलों पर बार एसोसिएशन का शिकंजा, जांच समिति गठित
फर्रुखाबाद के जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता की पोशाक पहनकर जनता से वसूली करने वाले कथित फर्जी अधिवक्ताओं के खिलाफ बार एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने छह सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।
फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद)। जिला न्यायालय परिसर में कथित फर्जी अधिवक्ताओं की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बार एसोसिएशन, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अधिवक्ता की पोशाक पहनकर आम जनता से धन वसूली करने की शिकायतों के मद्देनजर, एसोसिएशन ने छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य न्यायालय परिसर में सक्रिय संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
बार एसोसिएशन फतेहगढ़-फर्रुखाबाद के अध्यक्ष शशि भूषण दीक्षित एवं महासचिव कुँवर सिंह यादव द्वारा जारी एक पत्रांक के अनुसार, न्यायालय परिसर में कुछ ऐसे व्यक्ति और महिलाएं अधिवक्ता की पोशाक में घूमते हुए पाए गए हैं, जो स्वयं को वकील बताकर आम जनता से धन वसूल रहे हैं। इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए, एसोसिएशन ने इस मामले की गहन जांच और उचित कार्रवाई के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है।
यह छह सदस्यीय जांच समिति शिवेंद्र मोहन मिश्रा के नेतृत्व में कार्य करेगी, जिसमें दिवाकर द्विवेदी, स्वदेश प्रताप सिंह, कौशलेंद्र तोमर, श्याम मोहन शुक्ला और विभा बाजपेयी शामिल हैं। समिति को न्यायालय परिसर में संदिग्ध रूप से घूमने वाले व्यक्तियों की जांच करने, यदि कोई फर्जी अधिवक्ता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू करने और आवश्यकतानुसार अन्य सदस्यों को शामिल करने का अधिकार दिया गया है।
बार एसोसिएशन की इस पहल को न्यायालय परिसर की गरिमा बनाए रखने और आम नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी व शोषण से बचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे न्याय के मंदिर में फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।
बार एसोसिएशन फतेहगढ़-फर्रुखाबाद के अध्यक्ष शशि भूषण दीक्षित एवं महासचिव कुँवर सिंह यादव द्वारा जारी एक पत्रांक के अनुसार, न्यायालय परिसर में कुछ ऐसे व्यक्ति और महिलाएं अधिवक्ता की पोशाक में घूमते हुए पाए गए हैं, जो स्वयं को वकील बताकर आम जनता से धन वसूल रहे हैं। इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए, एसोसिएशन ने इस मामले की गहन जांच और उचित कार्रवाई के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है।
यह छह सदस्यीय जांच समिति शिवेंद्र मोहन मिश्रा के नेतृत्व में कार्य करेगी, जिसमें दिवाकर द्विवेदी, स्वदेश प्रताप सिंह, कौशलेंद्र तोमर, श्याम मोहन शुक्ला और विभा बाजपेयी शामिल हैं। समिति को न्यायालय परिसर में संदिग्ध रूप से घूमने वाले व्यक्तियों की जांच करने, यदि कोई फर्जी अधिवक्ता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू करने और आवश्यकतानुसार अन्य सदस्यों को शामिल करने का अधिकार दिया गया है।
बार एसोसिएशन की इस पहल को न्यायालय परिसर की गरिमा बनाए रखने और आम नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी व शोषण से बचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे न्याय के मंदिर में फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।