अपराध
फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 30 वर्षीय महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाई लापरवाही की आरोप
फर्रुखाबाद जिले में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले में परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने और अस्पताल में ताला लगाकर भागने का आरोप लगाया है।
फर्रुखाबाद जिले में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 30 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत के बाद डॉक्टर दंपति ने अस्पताल में ताला लगाकर मौके से चले गए।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका शशि प्रभा राजपूत ग्राम दनियापुर निवासी मौजी राम राजपूत की बेटी थीं, जिनकी शादी मैनपुरी जिले के रामनगर निवासी नीलेश से हुई थी। परसों रात करीब 11 बजे उन्हें फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये और खून चढ़ाने के लिए 5 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए थे।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद शशि प्रभा ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन लगाए और खून भी चढ़ाया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और शाम करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई। मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अजब सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव और मेडिकल चौकी इंचार्ज रामकेश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया, हालांकि आक्रोशित परिजनों ने शव का पंचनामा भरवाने से इनकार कर दिया। पुलिस मामले को शांत कराने के प्रयास में लगी हुई है और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका शशि प्रभा राजपूत ग्राम दनियापुर निवासी मौजी राम राजपूत की बेटी थीं, जिनकी शादी मैनपुरी जिले के रामनगर निवासी नीलेश से हुई थी। परसों रात करीब 11 बजे उन्हें फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये और खून चढ़ाने के लिए 5 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए थे।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद शशि प्रभा ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन लगाए और खून भी चढ़ाया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और शाम करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई। मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अजब सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव और मेडिकल चौकी इंचार्ज रामकेश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया, हालांकि आक्रोशित परिजनों ने शव का पंचनामा भरवाने से इनकार कर दिया। पुलिस मामले को शांत कराने के प्रयास में लगी हुई है और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।