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फर्रुखाबाद गैस प्लांट में मॉक ड्रिल: आपातकालीन तैयारियों का किया गया सजीव परीक्षण
फर्रुखाबाद के गैंसिंगपुर स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट में मंगलवार को औद्योगिक आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
फर्रुखाबाद में औद्योगिक आपातकालीन परिस्थितियों और बड़े हादसों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ गाजियाबाद और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, फर्रुखाबाद के संयुक्त तत्वावधान में गैंसिंगपुर स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट में किया गया।
इस मॉक ड्रिल के दौरान गैस रिसाव के कारण गैस प्लांट में आग लगने की आपात स्थिति का जीवंत प्रदर्शन किया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह परखा जाना था कि आपदा की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों द्वारा कितनी त्वरित कार्रवाई की जाती है। राहत एवं बचाव कार्यों, अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन का बारीकी से अभ्यास किया गया, साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को भी परखा गया।
इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का समग्र उद्देश्य औद्योगिक दुर्घटनाओं के दौरान जन-धन की हानि को कम से कम करना और आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू करने की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना था। इस अभ्यास में एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट डॉ. कुबेर शर्मा, उप जिलाधिकारी (सदर), सहायक परिवहन अधिकारी (ARTO), सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO), मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) और गैस प्लांट के अन्य संबंधित हितधारकों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस मॉक ड्रिल के दौरान गैस रिसाव के कारण गैस प्लांट में आग लगने की आपात स्थिति का जीवंत प्रदर्शन किया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह परखा जाना था कि आपदा की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों द्वारा कितनी त्वरित कार्रवाई की जाती है। राहत एवं बचाव कार्यों, अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन का बारीकी से अभ्यास किया गया, साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को भी परखा गया।
इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का समग्र उद्देश्य औद्योगिक दुर्घटनाओं के दौरान जन-धन की हानि को कम से कम करना और आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू करने की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना था। इस अभ्यास में एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट डॉ. कुबेर शर्मा, उप जिलाधिकारी (सदर), सहायक परिवहन अधिकारी (ARTO), सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO), मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) और गैस प्लांट के अन्य संबंधित हितधारकों व कर्मचारियों ने भाग लिया।