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28 Sep 2026•
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फार्म भरने के नाम पर से गायब हुई लड़कियों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया
Crime

फार्म भरने के नाम पर से गायब हुई लड़कियों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 15 Sep 2026, 10:40 PM 👁 43
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गयाजी जिला के वजीरगंज थाना क्षेत्र कि रहने वाली चार लड़कियां फार्म भरने के नाम पर घर से अचानक गायब हो गई थी जिसे वजीरगंजपुलिस ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान केतहत महाराष्ट से सकुशल बरामद कर लिया

गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

फॉर्म भरने के बहाने घर से निकलीं 4 नाबालिग, मुंबई पहुंचीं; 24 घंटे में पुलिस ने महाराष्ट्र से बरामद किया

जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के बिहिआईन गांव से एक साथ लापता हुईं चार नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने महाराष्ट्र से बरामद कर लिया। चारों 9 सितंबर को घर से स्कूल का फॉर्म भरने की बात कहकर निकली थीं। इसके बाद वे वापस नहीं लौटीं। चारों के एक साथ गायब होने से गांव में हड़कंप मच गया था। परिजन बेटियों की तलाश में परेशान थे। लड़कियों के बरामद किए जाने की जानकारी एसडीपीओ वजीरगंज ने प्रेस कांफ्रेंस में दी।

गौरतलब है कि 10 सितंबर को एक लड़की के पिता पप्पू राम ने वजीरगंज थाने में आवेदन दिया था। तहरीर के मुताबिक उनकी नाबालिग बेटी के साथ गांव की तीन अन्य नाबालिग लड़कियां भी सकरदास नवादा में फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थीं। इसके बाद चारों का पता नहीं चला। पुलिस ने वजीरगंज थाना कांड संख्या 405/26 दर्ज कर जांच शुरू की।

गांव से निकलीं, मोबाइल लोकेशन मुंबई में मिली
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार ने एसडीपीओ वजीरगंज कैंप अभिनव कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। इसमें वजीरगंज थाना और गया की तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान चारों लड़कियों की लोकेशन मुंबई के आसपास मिली। पुलिस को गांव के ही एक लड़के से बातचीत के बाद भी महत्वपूर्ण सुराग मिला। इससे यह साफ हुआ कि चारों लड़कियां बिहार से बाहर जा चुकी हैं।

इसके बाद गया पुलिस की तकनीकी शाखा और अनुसंधान टीम ने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया। मुंबई पुलिस के सहयोग से पालघर जिले के बोलिंज थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां से चारों नाबालिगों को सकुशल बरामद कर लिया गया।

अपहरण नहीं, घर की डांट-फटकार से नाराज होकर निकली थीं

एसडीपीओ अभिनव कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में चारों लड़कियों के जबरन ले जाने या फिर अपहरण की बात सामने नहीं आई है। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वे परिवार से नाराज चल रही थीं। घर में लड़ाई-झगड़ा और डांट-फटकार होती थी। इसी कारण उन्होंने घर से निकलने का फैसला किया।
पुलिस के अनुसार, चारों के मुंबई जाने की पहले से योजना थी। उनके परिजन पहले करीब 2017-18 के आसपास मुंबई में रहते थे। इसलिए लड़कियों को वहां की जानकारी थी। पूछताछ में पढ़ाई को लेकर दबाव और कम उम्र में शादी के दबाव की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से जिस क्लर्क पर आरोप लगाए गए थे, जांच में उसकी भूमिका सामने नहीं आई है। क्लर्क विवेक कुमार से उसी दिन पूछताछ की गई थी। लड़कियों से पूछताछ में भी क्लर्क के शामिल होने की बात सामने नहीं आई।

24 घंटे में लोकेशन से महाराष्ट्र तक पहुंची पुलिस

इस मामले में पुलिस की चुनौती चार नाबालिगों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढना था। चारों एक साथ घर से निकली थीं और दूसरे राज्य तक पहुंच चुकी थीं। ऐसे में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाया। मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद टीम ने महाराष्ट्र पुलिस से समन्वय किया। इसके बाद बोलिंज थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर चारों को बरामद किया गया।
बरामदगी के बाद चारों को वजीरगंज थाना लाया गया। पुलिस अब उनके बयान और घर से निकलने से लेकर महाराष्ट्र पहुंचने तक की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है।

बेटियों की वापसी से परिवारों ने ली राहत की सांस
चारों के लापता होने के बाद परिवारों में चिंता थी। गांव में भी तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई थी। अब चारों की सकुशल बरामदगी के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली है।

एसडीपीओ ने बताया कि चारों को समझाया गया है। वे अब पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए तैयार हैं। उनका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया जाना है। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।
इस कार्रवाई में एसडीपीओ अभिनव कुमार, थानाध्यक्ष नीरज कुमार, तकनीकी शाखा के धीरेंद्र कुमार, माला कुमारी, हर्षा कुमारी, प्रीतम कुमार, रजनीश चौधरी तथा सिपाही धर्मेंद्र कुमार और अमन कुमार शामिल रहे।
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