📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rangan Datta Wiki
धर्म
मुंगेर के लाल दरवाजा श्मशान में 4 फीट पानी, विद्युत शवदाह गृह 20 दिन से बंद
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 30 अग. 2026, 08:18 PM
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बाढ़ के कारण मुंगेर के लाल दरवाजा श्मशान में चार फीट पानी जमा हो गया, जिससे परिजनों को अर्थी ले जाने में कठिनाई हो रही है, जबकि नगर निगम का विद्युत शवदाह गृह 20 दिनों से बंद है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण बिहार के मुंगेर स्थित लाल दरवाजा श्मशान घाट पर लगभग चार फीट पानी जमा हो गया है। हालिया भारी बारिश ने इस स्थल को जलमग्न कर दिया, जिससे शोकाकुल परिवारों को अर्थी ले जाने के लिए कमर‑तक पानी में चलना पड़ रहा है।
परिजनों को अब अर्थी को लकड़ी के तख्ते या ढीले पर लेकर जलस्तर के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जो शारीरिक और भावनात्मक दोनों रूप से कठिनाई उत्पन्न कर रहा है। पानी की वजह से शवों की तैयारी और अंतिम संस्कार की पारंपरिक प्रक्रियाओं में भी देरी हो रही है।
स्थिति को और जटिल बनाते हुए, नगर निगम का विद्युत शवदाह गृह लगभग 20 दिनों से बंद है। इस कारण कई परिवारों को खुले आगी पर जलाना पड़ रहा है, जिससे मौजूदा समस्याओं में इज़ाफ़ा हो रहा है।
स्थानीय अधिकारियों से इस गृह की मरम्मत तेज़ी से पूरी करने और श्मशान घाट की जल निकासी व्यवस्था सुधारने का आग्रह किया गया है, पर अभी तक कोई स्पष्ट समय‑सारणी नहीं दी गई है। बाढ़ और शवदाह गृह की बंदी ने इस क्षेत्र के शोकाकुल लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
परिजनों को अब अर्थी को लकड़ी के तख्ते या ढीले पर लेकर जलस्तर के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जो शारीरिक और भावनात्मक दोनों रूप से कठिनाई उत्पन्न कर रहा है। पानी की वजह से शवों की तैयारी और अंतिम संस्कार की पारंपरिक प्रक्रियाओं में भी देरी हो रही है।
स्थिति को और जटिल बनाते हुए, नगर निगम का विद्युत शवदाह गृह लगभग 20 दिनों से बंद है। इस कारण कई परिवारों को खुले आगी पर जलाना पड़ रहा है, जिससे मौजूदा समस्याओं में इज़ाफ़ा हो रहा है।
स्थानीय अधिकारियों से इस गृह की मरम्मत तेज़ी से पूरी करने और श्मशान घाट की जल निकासी व्यवस्था सुधारने का आग्रह किया गया है, पर अभी तक कोई स्पष्ट समय‑सारणी नहीं दी गई है। बाढ़ और शवदाह गृह की बंदी ने इस क्षेत्र के शोकाकुल लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।