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इथेनॉल‑ब्लेंडेड ईंधन, शुगर और अनाज पर नीति चर्चा, द इंडियन एक्सप्रेस
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dietmar Rabich
कृषि

इथेनॉल‑ब्लेंडेड ईंधन, शुगर और अनाज पर नीति चर्चा, द इंडियन एक्सप्रेस

✍️ The Indian Express 🗓 30 अग. 2026, 03:37 AM 👁 51
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द इंडियन एक्सप्रेस ने एक संपादकीय में चेतावनी दी कि इथेनॉल‑ब्लेंडेड ईंधन, शुगर और अनाज से जुड़ी नीतियां संकीर्ण हितों द्वारा प्रभावित हो रही हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस ने “On ethanol‑blended fuel, sugar and grains, the tail is wagging the dog” शीर्षक से एक संपादकीय प्रकाशित किया। इस लेख में बताया गया है कि ईंधन और कृषि क्षेत्रों में हालिया नीतियों को व्यापक राष्ट्रीय रणनीति की बजाय कुछ उद्योग समूहों के दबाव से आकार दिया जा रहा है। यह बताता है कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ाने के पीछे शुगर और अनाज के अधिक उत्पादन को संभालने का उद्देश्य है, जिससे नीति को अल्पकालिक बाजार राहत का साधन माना जा रहा है। लेख में चेतावनी दी गई है कि इस तरह की नीति मूल्य संकेतों को विकृत कर सकती है, किसानों की आय को प्रभावित कर सकती है और ऊर्जा सुरक्षा के दीर्घकालिक लक्ष्य को कमजोर कर सकती है। यह एक अधिक पारदर्शी, डेटा‑आधारित ढांचे की मांग करता है, जिसमें ईंधन ब्लेंडिंग लक्ष्य को वास्तविक कृषि अधिशेष प्रबंधन के साथ जोड़ा जाए, न कि कुछ हितधारकों को एजेंडा तय करने दिया जाए। अंत में यह कहा गया है कि नीति को व्यापक सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि केवल कुछ वस्तु समूहों की तात्कालिक चिंताओं को।
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